प्रयागराज,एबीपी गंगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भर्ती के नाम पर हजारों युवकों से करोड़ों रुपए ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पूरे गैंग का सरगना खुद को हाईकोर्ट का डिप्टी रजिस्ट्रार बताता था। एसटीए ने साथियों समेत गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद व पटना ( बिहार) में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, लिपिक व चपरासी एवं विभिन्न जनपदीय न्यायालय में लिपिक, उपनिबंधक व चपरासी एवं इनकम टैक्स विभाग, सिंचाई विभाग व सेतु निगम में लिपिक व चपरासी आदि के पदों पर नियुक्ति के लिए लगभग 1400 लोगों से 50 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गैंग का मुख्य सरगना मोहम्मद शमीम अहमद सिद्दीकी समेत राघवेंद्र सिंह, नीरज पराशर और रमेशचंद्र यादव उर्फ गुड्डू समेत चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। इनके पास से भारी संख्या में फर्जी दस्तावेज, करोड़ों रूपये के भरे व ब्लैंक चेक, एक लाख तीस हजार रुपए नकद व गाड़ियां बरामद हुई हैं। अभियुक्त मृत्युंजय सिंह फरार है।
इस गिरोह का सरगना मोहम्मद शमीम अहमद सिद्दीकी अपने आप को इलाहाबाद हाईकोर्ट का रिटायर्ड डिप्टी रजिस्ट्रार बताता है । राघवेंद्र सिंह MNNITतेलियरगंज प्रयागराज में असिस्टेंट प्रॉक्टर के पद पर नियुक्त था और मौजूदा समय में एक आपराधिक प्रकरण में निलंबित चल रहा है ।