उत्तर प्रदेश में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और प्रयागाज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गयी है. मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन ने कहा, “प्रदेश के अंदर ब्राह्मणों पर भी अत्त्याचार हो रहा है. हमारे देश मे 4 बड़े शंकराचार्य होते हैं, और सभी लोग उनका सम्मान करते हैं. किसी भी धर्म के आध्यात्मिक और धार्मिक व्यक्ति का अदब (सम्मान) करना हम सब की ज़िम्मेदारी है.”

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डॉ हसन ने आगे कहा, “प्रयागराज में स्नान करने गए शंकराचार्य जी के अनुयायियों को जिस तरह बाल पकड़ कर खींचा गया और उन्हें पीटा गया उसे देख कर हमें भी दुःख हुआ और सब को तकलीफ़ (दुःख) हुई है. ऐसे धार्मिक लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था.”

अल्पसंख्यकों के बाद अब ब्राह्मणों पर जुल्म

सपा सांसद ने सरकार की मंशा को लेकर कहा, “हम अल्पसंख्यकों के हालात भी जनते हैं, हम तो खामोश हैं और अल्लाह से दुआ करते हैं कि हालात बदल जाये. लेकिन अफसोस कि बात है कि हिंदुओं में ब्राह्मण लोग सबसे बड़ी जाति होती है. उनके साथ भी यही भेदभाव और सलूक हो रहा है ऐसे में हिन्दुस्तान किस तरफ जा रहा है. पहले आपने हिन्दू मुसलमान कर लिया अब जातिवाद में पड़ गए. अब ये ब्राह्मणों को भी परेशान कर रहे हैं. जबकि ब्राह्मणों का तो सभी सम्मान करते हैं.”

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बदसुलूकी करने वाले अधिकारियों के निलंबन की मांग

डॉ एस टी हसन ने प्रयागराज में मारपीट करने वाले पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “जिन अधिकारियों ने शंकराचार्य जी के अनुयायियों के साथ बदसलूकी की उनको अभी तक सस्पेंड क्यों नहीं किया गया? उन पर कोई कार्यवाई क्यों नहीं कि गई. इस के ऊपर हमारी सरकार खामोश है. क्या भाजपा षड्यंत्र भाजपा कर रही है ये सोचने की बात है.”

धार्मिक स्थलों में गैर हिन्दुओं के प्रतिबंध को गलत ठहराया

उत्तराखंड में बद्रीनाथ सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओ के जाने पर रोक की मांग पर डॉ हसन ने कहा, “हमारा संविधान देश के सभी नागरिकों हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सब को बराबर का अधिकार देता है. हम कहीं भी आ जा सकते हैं, कोई रोक नहीं सकता. लेकिन अगर कोई व्यक्ति विशेष किसी धार्मिक स्थान का अपमान करता है, तो उसे उस की सजा मिलनी चाहिए न कि आप साम्प्रदायिक माहौल बना दें कि यहां कोई मुस्लिम सिख, बौद्ध जैन या ईसाई नहीं आएगा. हिंदुस्तान का संविधान तो ये बात नहीं कहता है. आज हमें ये सोचना पड़ रहा है कि हम अपने संविधान को कैसे बचाये. अगर संविधान नहीं बचेगा तो देश मे अफरातफरी का माहौल हो जाएगा. छुआछूत शुरु हो जाएगी और देश एक तरह गृहयुद्ध के दरवाजे पर आ खड़ा हो जाएगा.”

सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर जताई चिंता

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट इस्तीफा पर सपा सांसद ने कहा, “ये बात बड़ी गंभीर है. सरकार को चाहिए कि वह अपना रवैया बदले इज़्ज़तदार लोगों की इज़्ज़त करे और नापाक व अपराधियों को अपने हिसाब से निपटे.”