संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के द्वारा जमकर हंगामा किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित किया जा चुका है. सदन कार्यवाही को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन की प्रतिक्रिया सामने आई है.
इकरा हसन ने कहा, "बहुत सारे मुद्दे हैं लेकिन सरकार ने पूरे सत्र में सिर्फ एक दिन सदन चलाया है. यह सरकार की जिम्मेदारी है." उन्होंने कहा, "हमसे वादा किया गया था कि पुलिस बर्बरता, अत्याचार पर जवाब भी मिलेगा और हमें अपनी बात रखने का मौका भी मिलेगा, लेकिन उस चर्चा को भी काटकर छोटा कर दिया गया. देश के नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया."
इकरा हसन ने सरकार पर साधा निशाना
इकरा हसन ने आगे कहा, "साथ ही किसी ने उत्तर नहीं दिया. हम चाह रहे थे कि गृहमंत्री इस पर जवाब दें कि पुलिस को यह परमीशन किसने दी कि इस तरह हमारे देश के युवाओं पर बर्बरता करे. अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है तो सबसे पहले, सबसे अहम मुद्दा हमारा वही है."
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उन्होंने आगे कहा, "सरकार सोच रही है कि वह इस तरह सदन नहीं चलाएगी तो हम लोग बातों को भूल जाएंगे या बात टल जाएगी, लेकिन यह बात टलेगी नहीं. देश के युवा आजतक जवाब मांह रहे हैं और हम यहां पर इस देश की आवाज बन सत्ता पक्ष से जवाबदेही चाह रहे हैं."
राम मंदिर के सवाल पर क्या बोलीं इकरा हसन
राम मंदिर पर किए गए सवाल के जवाब में इकरा हसन ने कहा, "अगर आस्था की जगह पर भी आपके राज में जो ट्रस्ट के लोग थे वह केंद्र से नमित किए गए थे. इसके बाद इस तरह से धांधली करना और उन लोगों के द्वारा करना जिन्हें बीजेपी कार्यालय से नियुक्त किया गया है." उन्होंने आगे कहा, "यह आस्था विषय है और जो लोग आस्था में इस तरह से कर सकते हैं तो आमजन के साथ यह सरकार कितना धोखा कर रही होगी यह समझने की बात है."
अखिलेश यादव के पीडीए पर दी यह प्रतिक्रिया
इकरा हसन ने अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर कहा, "पीडीए एक ऐसा अम्ब्रैला शब्द है जिसमें पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी, अगड़े, पीड़ित अगड़े, पंडित और अन्य हर तरह के लोग आते हैं. जो अपने आपको इस सरकार से प्रताड़ित महसूस रहे हैं. जो इनकी विचारधारा से मेल नहीं खाते वह सभी लोग हमारी विचारधारा में शामिल हैं."
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