सोनभद्र में खराब होती स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ गुरुवार (16 अप्रैल) को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अलग अंदाज में प्रदर्शन किया. सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने खुद को बेड़ियों में जकड़कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया. इस दौरान उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की.

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प्रदर्शन के दौरान प्रमोद यादव का तरीका सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. उन्होंने अपने हाथ-पैरों में जंजीरें बांधकर यह संदेश देने की कोशिश की कि आम जनता भी खराब स्वास्थ्य व्यवस्था की वजह से जकड़ी हुई है. उनके साथ बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

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स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं- सपा नेता 

सपा नेता ने आरोप लगाया कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज तक मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है. उनका कहना है कि मरीजों से अभद्र व्यवहार और लापरवाही आम बात हो गई है, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है.

प्रमोद यादव ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांच के लिए मरीजों को एक-एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे में मजबूर होकर लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें महंगा इलाज कराना पड़ता है. उन्होंने इसे एक तरह की सोची-समझी व्यवस्था बताया, जिससे निजी अस्पतालों को फायदा पहुंच रहा है.

प्रमोद यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनता के मुद्दों पर आवाज उठाती रही है. उन्होंने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा. साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि वे जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं.

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अधिकारियों पर चुप्पी का आरोप

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे सपा नगर अध्यक्ष पार ब्रह्म सिंह सरदार ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की हालत बेहद खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे. उन्होंने यह भी कहा कि जनहित के मुद्दे उठाने पर कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश की जाती है.

सपा नेताओं का कहना है कि जिले में दवाएं महंगी मिल रही हैं, अस्पतालों में सुविधाएं कम हैं और हर तरफ अव्यवस्था फैली हुई है. उनका आरोप है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.