Sonbhadra News: जनजाति गौरव दिवस पर आदिवासियों को वनभूमि का पट्टा सौंपेंगे CM योगी, तैयारियां तेज
UP News: सीएम के जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रह जाए इसके लिए सभी अधिकारी मुस्तैद है. आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव में 75 हजार आदिवासियों को लाने की तैयारी की जा रही है.

Sonbhadra News: सोनभद्र (Sonbhadra) में जनजाति गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे पर तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन से लेकर कमिश्नर तक मौके का जायजा लेकर स्थलीय निर्देश दे रहे हैं. जनजाति गौरव दिवस पर आदिवासियों को वन भूमि पर पट्टे का अधिकार मुख्यमंत्री आदित्यनाथ अपने हाथों से वितरण करेंगे. इसके लिए समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने समीक्षा बैठक की.
इसके अलावा तीनों तहसील के उप जिलाधिकारी, तीनो डीएफ़ओ के साथ समीक्षा कर वन पट्टे की तैयारी को अन्तिम रुप दिया. मुख्यमंत्री के जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रह जाए इसके लिए सभी अधिकारी मुस्तैद है. इसी के साथ आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव में 75 हजार आदिवासियों को लाने की तैयारी की जा रही है.
कार्यक्रम का ये है उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जंगली इलाके में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के लोग हैं. 2005 से पहले से ये लोग वन जमीन पर दावा प्रस्तुत करते हैं तो वे वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत पट्टा के हकदार हैं. अन्य जाति के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी 75 वर्ष से अधिक वन भूमि पर दावा प्रस्तुत करने पर ही व्यक्तिगत पट्टा का प्रावधान है. वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत प्रत्येक गांव में 10-15 की संख्या में सदस्यों की समिति का गठन किया गया है.
समिति में एक तिहाई सदस्य महिला और एक तिहाई आदिवासी सदस्य होंगे. जिसमें एक अध्यक्ष और एक सचिव का चयन है .समिति वन अधिकार अधिनियम का दावा करने वालों की जमीन का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट अनुमंडल स्तर पर भेजी गयी. इसके अलावा वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिकतम चार हेक्टेयर जमीन पर पट्टा मुहैया कराने का प्रावधान है. साथ ही इस प्रकार की जमीन पर किसी भी वन्य प्राणी का शिकार पूर्णरूपेण वर्जित है. जनजातियों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनके जीवन को बदलने का अभियान आदिवासी गौरव सप्ताह मनाया गया है.
अप्रैल में भी किया गया था रिव्यू
जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनभद्र में जो वनाधिकार अधिनियम है उसको देखते हुए काफी दिनों से कार्रवाई चल रही है और इसमें पहले साल 2011 में कार्रवाई हुई थी फिर उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में जो फाइल रिजेक्ट हुई थी उसका रिविजन और रिव्यू की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था. ये कार्रवाई पिछले एक डेढ़ साल से लगातार चल रही है. राज्यपाल का आगमन भी अप्रैल में हुआ था, उस समय भी इसका रिव्यू किया गया था, और निर्देश दिए गए थे कि जो पट्टे है होने लायक हैं उनका तत्काल रिव्यू करके औऱ उनको स्वीकृति दे दी जाए.
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Source: IOCL


























