सोनभद्र में बुधवार शाम आए भीषण आंधी और तूफान ने पूरे जिले में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं और खराब मौसम ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कहीं विशाल पेड़ जड़ों समेत उखड़ गए तो कहीं बिजली के खंभे जमीन पर बिखर गए. सबसे भयावह तस्वीर राबर्ट्सगंज शहर के हर्ष नगर से सामने आई, जहां तेज तूफान के बीच एक मकान की छत पर खड़ी दीवार अचानक भरभराकर नीचे गिर गई. पूरी घटना लाइव वीडियो में कैद हो गई.

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वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि तेज हवाओं के दबाव के बीच दीवार अचानक टूटकर नीचे गिरती है और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है. घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. आंधी और तूफान की वजह से कई इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि पेड़ और टहनियां गिरने से सड़क मार्ग भी बाधित हो गए.

तूफान का असर सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे जिले में तबाही का मंजर देखने को मिला. राबर्ट्सगंज के सर्किट हाउस मोड़ पर विशाल लोहे का बोर्ड स्टेट हाईवे पर गिर पड़ा, जबकि खलियारी-कलवारी स्टेट हाईवे पर पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया. कई मुख्य सड़कों पर पेड़ और टहनियां गिरने से घंटों आवागमन प्रभावित रहा.

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दर्जनों घरों के टीन शेड उड़ गए और कई मकानों की दीवारें ढह गईं. आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिलेभर में 400 से अधिक बिजली के पोल गिर गए. अकेले राबर्ट्सगंज उपखंड क्षेत्र में 300 से ज्यादा बिजली के खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. कई गांव और कस्बे अंधेरे में डूब गए, जिससे लोगों को पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

राबर्ट्सगंज के सुकुरूत चौकी परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी भी पेड़ के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गई. प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.

मामले में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौर ने बताया कि इस दैवीय आपदा में जिलेभर में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. डीएम के मुताबिक एक पशु की भी मौत हुई है और 81 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है.

जिलाधिकारी ने बताया कि बिजली विभाग और प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लगी हुई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले इतनी भयावह आंधी और तबाही कभी नहीं देखी. फिलहाल पूरा जिला इस तूफान से उबरने की कोशिश में जुटा है, लेकिन तबाही के निशान अब भी हर तरफ साफ दिखाई दे रहे हैं.