उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है. अगर किसी उपभोक्ता का बैलेंस खत्म होने के बाद बिजली कट जाती है और रिचार्ज करने के बावजूद दो घंटे के भीतर बिजली सप्लाई बहाल नहीं होती, तो बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं को मुआवजा देना पड़ सकता है. पावर कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव के अनुसार ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा.

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प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत जब किसी उपभोक्ता का बैलेंस खत्म हो जाता है तो बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाती है. जैसे ही उपभोक्ता रिचार्ज करता है, सिस्टम के माध्यम से बिजली दोबारा चालू होनी चाहिए.

स्टैंडर्ड ऑफ परफारमेंस रेगुलेशन-2019 के अनुसार बिजली कंपनियों की जिम्मेदारी है कि भुगतान या रिचार्ज के बाद अधिकतम दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाए. यदि ऐसा नहीं होता है तो उपभोक्ता को मुआवजा देने का प्रावधान लागू होगा.

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13 नए क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी

प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को तेजी से बढ़ाया जा रहा है. सरकार और बिजली कंपनियां इसे 13 नए क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी कर रही हैं. इसका उद्देश्य बिजली बिलिंग को पारदर्शी बनाना और बकाया वसूली की समस्या को कम करना है. हालांकि उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि नई व्यवस्था के साथ उपभोक्ताओं की सुविधाओं और अधिकारों का भी ध्यान रखना जरूरी है.

70 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होगा नियम

प्रदेश में इस समय लगभग 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता हैं. इन मीटरों को लगाने में बिजली कंपनियों ने करीब 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है.

इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के होने के कारण यदि तकनीकी गड़बड़ी या सिस्टम की समस्या से बिजली चालू होने में देरी होती है तो बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे मामलों में मुआवजा नियम लागू होने से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है.

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि यदि उपभोक्ता बकाया राशि जमा कर देता है और उसके बाद भी दो घंटे के भीतर बिजली चालू नहीं होती, तो उसे मुआवजा मिलना चाहिए.

उन्होंने आयोग से मांग की है कि पावर कॉर्पोरेशन को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े.

पहले भी सामने आ चुकी हैं तकनीकी गड़बड़ियां

उपभोक्ता परिषद ने यह भी कहा कि पहले भी कई बार तकनीकी कमांड या सिस्टम गड़बड़ी के कारण लाखों उपभोक्ताओं की बिजली अचानक बंद हो चुकी है.

हाल ही में नोएडा और गाजियाबाद में भी ऐसी घटनाएं सामने आई थीं, जहां उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. ऐसे मामलों को देखते हुए परिषद का कहना है कि मुआवजा नियम का सख्ती से पालन होना चाहिए.

उपभोक्ताओं को दी गई यह सलाह

उपभोक्ता परिषद ने लोगों से अपील की है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने से पहले ही रिचार्ज कर लें. इससे अचानक बिजली बंद होने की स्थिति से बचा जा सकता है. साथ ही यदि रिचार्ज करने के बाद भी तय समय में बिजली चालू नहीं होती है तो उपभोक्ता अपने अधिकार के अनुसार मुआवजे की मांग कर सकते हैं.