अतीक के परिवार से मिलीं अखिलेश की विधायक, अबान की मौत पर जताया दुख
Prayagraj News: पल्लवी पटेल अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की कार एक्सीडेंट में मौत के बाद परिवार से मिलने पहुंची. इस दौरान उन्होंने अतीक के बेटे अहजम से मिलकर संवेदना प्रकट की है.

उत्तर प्रदेश की सिराथू विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (केमरावादी) नेता पल्लवी पटेल ने प्रयागराज में पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार से मुलाकात की है. पल्लवी पटेल अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की कार एक्सीडेंट में मौत के बाद परिवार से मिलने पहुंची. इस दौरान उन्होंने अतीक के बेटे अहजम से मिलकर संवेदना प्रकट की है. वहीं उन्होंने अतीक के भाई अशरफ के बच्चों से भी मुलाकात की है.
पल्लवी ने इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर की हैं. इनमें वह अहजम से बातचीत और बच्चों के बीच बैठी हुई है. काफी देर हुई इस मुलाकात को लेकर पल्लवी पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद के सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन के उपरांत उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की. तथागत गौतम बुद्ध जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें."
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सड़क हादसे में गई अबान की जान
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार को माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद समेत दो लोगों की भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है सभी कार सवार प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अतीक के बड़े बेटे अली अहमद से मुलाकात करने जा रहे थे. प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है.
जेल से अबान के दफ्न में पहुंचे थे दो भाई
दिवंगत अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे अबान को शनिवार शाम कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता की कब्र के बगल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. अंतिम विदाई के दौरान उसके तीनों भाई अली, उमर और अहजम ने उसे कंधा दिया. अबान के जनाजे में करीब पांच से छह हजार लोग पहुंचे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए कब्रिस्तान और आसपास काफी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी.
अबान के दफ्न में अतीक के दो बेटे अली और उमर जेल से पहुंचे थे. इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अली और उमर शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंचे. अली को झांसी जेल से करीब 400 किलोमीटर की दूरी तय कर लाया गया, जबकि उमर को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाया गया. दोनों को अंतिम समय में पुलिस वैन से बाहर निकाला गया. आमना-सामना होते ही अली और उमर एक-दूसरे से गले मिले.






















