उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर उस समय हड़कम्प मच गया, जब बिना वैध वीजा के भारत से नेपाल जाने की कोशिश में एसएसबी ने एक उज्बेकी महिला को गिरफ्तार कर लिया. शुरूआती पूछताछ के बाद महिला को ढेबरुआ पुलिस को सौंप दिया. जिसके बाद पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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पुलिस अब यह जांच कर रही है कि महिला इतने दिन बिना वीजा के भारत में रही या नेपाल में. क्यूंकि उसका वीजा काफी पहले समाप्त हो चुका है. जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. महिला को हिंदी या इंग्लिश भी नहीं आती, लिहाजा गूगल ट्रांसलेट से उसकी पहचान हो सकी.

क्या है पूरा मामला ?

एसएसबी की 50वीं वाहिनी के बीओपी बढ़नी के असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी ने बताया कि शनिवार (27 दिसंबर) की शाम एसएसबी चेक पोस्ट पर जवान सीमा पार आवागमन करने वाले लोगों की रूटीन चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान भारत से नेपाल की तरफ जा रही एक महिला की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. जब पूछताछ किया जा रहा था वह हिंदी और अंग्रेजी बोलने में असमर्थ थी, जिस कारण गूगल ट्रांसलेटर की मदद से जानकारी ली गई.

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महिला ने अपना नाम जर्निगोर तुखताबोएवा (32) निवासी उज्बेकिस्तान बताया. जांच में उसके पास मौजूद पासपोर्ट से पता चला कि वह नेपाल में 15 दिन के वीजा पर थी, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, जबकि भारत में प्रवेश अथवा निवास का कोई वैध दस्तावेज उसके पास नहीं था. जांच में पाया गया कि 19 अगस्त से दो सितंबर 2025 का 15 दिन के वीजा पर नेपाल के काठमांडू घूमने के लिए आई थी. इसकी अवधि बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी थी.

काठमांडू जा रही थी

पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली से नेपाल जाने के लिए वह बढ़नी पहुंची और नेपाल में प्रवेश कर काठमांडू जाने वाली थी, तभी उसे एसएसबी के जवानों ने पकड़ लिया. असिस्टेंट कमांडेंट ने बताया कि नियमानुसार महिला को सुरक्षित हिरासत में लेकर तत्काल ढेबरुआ पुलिस को सूचना दी गई और बाद में उसे उसके समस्त सामान के साथ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.  अब पुलिस यह जांच करेगी कि वीजा समाप्त होने के बाद वह भारत में थी या फिर नेपाल में. इसके बाद ही उसके मंसूबे और असलियत के बारे में जानकारी मिल सकेगी.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

इस संबंध में थाना अध्यक्ष नारायन लाल श्रीवास्तव ने बताया कि एसएसबी द्वारा सुपुर्द की गई विदेशी महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम 14A,14B,के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है आगे की विधि कार्रवाई की जाएगी.