निलंबित मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बनेंगे संत? माघ मेले से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया ‘ऑफर’
Alankar Agnihotri News: अलंकार अग्निहोत्री से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर बात की और कहा कि प्रशासन में जो उनका पद था, उससे भी पड़ा पद धर्म में मिलेगा.शंकराचार्य ने उनके निलंबन पर दुख जताया.

उत्तर प्रदेश में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देने के बाद देर रात अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया है. उन्होंने बरेली जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अलंकार ने कहा कि उन्हें डीएम ने बातचीत के लिए बुलाया था, जहां उन्हें प्रलोभन दिया गया. यहीं नहीं लखनऊ से डीएम को एक फ़ोन आया था जहां उन्हें पागल पंडित तक कहा गया.
अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी सोमवार को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद उन्होंने अब जिला प्रशासन पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें डीएम आवास पर 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने की खबर आने के बाद डीएम बरेली अविनाश सिंह ने मुझे वार्ता के लिए अकेले बुलाया था, मैं डीएम और कुछ अन्य अधिकारी गणों के साथ बैठा था. मुझे लगातार प्रलोभन दिया जा रहा था. संभवतः लखनऊ से एक कॉल आया था डीएम उठकर बाथरूम में चले गए वो स्पीकर फ़ोन पर थे. उधर से आवाज आई कि पंडित पागल हो गया है. इसे रातभर अपने आवास में बंधक बनाकर रखो.
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— ABP News (@ABPNews) January 27, 2026
डीएम ने किया आरोपों का खंडन
अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि क्योंकि ये बात मीडिया तक जा पहुंची थी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें छोड़ दिया, बड़ी मुश्किल से मैं वहां से जान बचाकर निकला हूं. वहीं दूसरी तरफ सिटी मजिस्ट्रेट के आरोपों का डीएम ने खंडन किया है. उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है. इस्तीफे की वजह जानने के लिए बातचीत की गई थी.
शंकराचार्य ने किया अग्निहोत्री का समर्थन
इस पूरे विवाद में अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भी एंट्री हो गई हैं. उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री का समर्थन करते हुए कहा कि आपके साथ जो हुआ वो गलत है. शंकराचार्य ने फोन पर उनसे बात की और आश्वासन दिया कि सरकार ने आपको बड़ा पद दिया था, हम उससे बड़ा पद धर्म क्षेत्र में आपको देंगे.
शंकराचार्य ने कहा, "एक तो दुख हो रहा है कि आपने कितनी लगन से पढ़ाई लिखाई की होगी, तब जाकर आप इस पद पर आए होंगे. आज एक झटके में आपका ये पद चला गया. लेकिन, दूसरी तरफ आपने जिस तरह से सनातन धर्म प्रति, सनातन धर्म के प्रतीकों के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन किया है. उससे पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है और आपका अभिनंदन करता है. हम चाहते हैं कि आपके जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में और आगे आएं. जो पद सरकार ने आपको दिया था, उससे बड़ा पद धर्म क्षेत्र में हम आपको देने के लिए प्रस्तावित करते हैं."
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Source: IOCL
























