बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान द्वारा केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ करने का मामला तूल पकड़ गया है.बरेली में मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस पर ऐतराज जताते हुए इसे शरियत के हिसाब से नाजायज और हराम बताया. उन्होंने अभिनेत्री से तौबा करने की बात कही है.

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मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि किसी मुसलमान का मंदिर में पूजा-पाठ करना या दर्शन करने के लिए जाना नाजायज और हराम है. मौलाना ने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने और वहां धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने पर कड़ी आपत्ति जताई है.

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हाल ही में की थी सारा ने केदारनाथ की यात्रा 

सारा अली खान ने हाल ही में उत्तराखंड की यात्रा की थी और उन्होंने केदारनाथ धाम में दर्शन किए और करीब तीन दिन तक यहां रुकी थीं. उन्होंने VIP दर्शन के स्थान पर आम लोगों की तरह लाइन में लगकर दर्शन किए थे. उनकी तस्वीरें और वीडियो भी खूब वायरल हुए. इसमें सारा ने बताया कि केदारनाथ ने उनका भावनात्मक रिश्ता है और 2018 में वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ 'केदारनाथ' की शूटिंग के लिए आ चुकी हैं. इसलिए हर साल यहां पहुँचती हैं.

सारा अली खान इसी तरह वाराणसी में भी नजर आयीं थी और आम लोगों की तरह ही उन्होंने वाराणसी की गलियों में घूमा था. उन्होंने वहां भी मंदिर में दर्शन किए थे. इसके बाद अब इसी तरह सारा अली ने केदारनाथ को भी दर्शाया है, जिस पर कुछ लोगों को आपत्ति है.

मौलाना ने जताई आपत्ति 

अब सारा अली खान के धार्मिक कृत्य पर मौलानाओं ने नाराजगी जाहिर की है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है. मौलाना शहाबुद्दीन के मुताबिक इस तरह से मुस्लिम शख्स का मंदिर में पूजा-पाठ नाजायज है. उन्होंने इस पर उनसे माफी मांगने की अपील की है. हालांकि खुद सारा की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहींदी गयी है.

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