उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के पौली विकास खंड में महिला सम्मान और दलित सुरक्षा को ताक पर रखने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है. महिला खंड विकास अधिकारी (BDO) श्वेता वर्मा के साथ उनके चैंबर में घुसकर अभद्रता करने और दलित सचिव रमाकांत को जातिसूचक गालियां देकर डंडे से दौड़ाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. घटना के 24 घंटे बाद भी बीजेपी नेता पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित जिले के सभी नौ ब्लॉकों के कर्मचारियों ने कार्यालयों में तालाबंदी कर दी और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया.
पुलिस और प्रशासन के रवैये से नाराज बीडीओ श्वेता वर्मा ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद वे न्याय के लिए धनघटा थाने में घंटों अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठी रहीं, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने और समझौते का दबाव बनाया. ब्लॉक कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा आरोपी से केवल माफी मंगवाने का आश्वासन दिया गया, जिसे उन्होंने प्रशासनिक विफलता करार दिया है.
सख्त धाराओं में दर्ज हो एफआईआर
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष क्षितिज चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के 'जीरो टॉलरेंस' और 'अपराध मुक्त प्रदेश' के संकल्प को स्थानीय प्रशासन ही ठेंगा दिखा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बीजेपी नेता अरविंद सिंह के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक विकास भवन सहित पूरे जिले में कामकाज ठप रहेगा.
कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन
केस दर्ज नहीं होने पर नाराज कर्मचारी संगठनों ने तालाबंदी का ऐलान कर नाथनगर, हैसर बाजार,पौली,खलीलाबाद, सांथा, मेहदावल, सेमरियांवा सहित सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालाबंदी करके धरना शुरू कर दिया. बाद में सभी जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे. अधिकारियों और कर्मचारियों ने विकास भवन पर तालाबंदी करके न्याय की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
एसआईआर का कार्य भी प्रभावित
सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने डीएम से मिलकर मामले का हल निकलवाने का आश्वासन दिया. ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विपिन चंद, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष क्षितिज चौधरी और कर्मचारी एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने मामले में मुकदमा दर्ज होने तक आंदोलन की घोषणा किया है. उधर ब्लॉक मुख्यालयों पर तालाबंदी के चलते ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल नहीं मिल पाई.जिससे एसआईआर का कार्य भी प्रभावित रहा.
