उत्तर प्रदेश के संभल की रहने वाली तमन्ना मलिक एक बार फिर अपनी कावड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं. तमन्ना इस बार अपने पति अमन त्यागी और एक अन्य महिला के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के डासना मंदिर तक कावड़ यात्रा कर रही हैं.
इससे पहले बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने के मामले में उन्हें पुलिस की ओर से नोटिस भी दिया गया था. शुक्रवार को मुजफ्फरनगर पहुंची तमन्ना ने मीडिया से बातचीत में अपनी यात्रा, बुर्का पहनने के अधिकार और अन्य मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.
11 अगस्त को डासना में करेंगी जलाभिषेक
तमन्ना मलिक ने कहा कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन डासना मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी. उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और हर व्यक्ति को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई महिला अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहती है तो उसे ऐसा करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए.
तमन्ना मलिक ने बुर्के में कांवड़ लाने को लेकर कहा कि बुरखा किसी के बाप की जागीर नहीं है, सबकी अपने मन की बात है. देश संविधान के हिसाब से चलता है और संविधान हमें इसकी इजाजत देता है कि हम कुछ भी पहने.
मौलाना साजिद रशीदी पर की तीखी टिप्पणी
मौलाना साजिद रशीदी द्वारा शिव भक्त कावड़ियों पर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर तमन्ना मलिक ने कहा कि वह मौलाना ही आतंकवादी है जिसने ऐसी टिप्पणी की है. ऐसे लोग दुनिया से मिट जाएं तो हमारा हिंदुस्तान बहुत अच्छा हो जाएगा. सब लोग प्यार मोहब्बत से रहने लगेंगे. सनातन धर्म से अच्छा कुछ और दुनिया के अंदर नहीं है. तमन्ना ने मौलाना साजिद रशीदी को सबक सिखाने की भी बात कही.
फिलहाल तमन्ना मलिक की यह कावड़ यात्रा एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है. मुजफ्फरनगर से गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनकी यात्रा जारी रही और उनकी टोली शिवरात्रि पर गाजियाबाद के डासना मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेगी.
