उत्तराखंड के बाद यूपी में एनलाॅग प्रोडक्ट पर रोक के बाद संभल में सिटी मजिस्ट्रेट एवं खाद्य सुरक्षा महकमे ने तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर साढ़े चार हजार क्विंटल तैयार रसगुल्ले पकड़े हैं. खाद्य सुरक्षा महकमे ने एक कमरे में तैयार रसगुल्लों को बंद करा कर स्पेशल मैसिंजर से सैंपिल मेरठ भेजे हैं.
प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि किसी को भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. वहीं बताया जा रहा है कि आगामी त्योहारों खासकर रक्षा बंधन में इस मिठाई की बड़ी खपत होनी थी.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला हजरतनगर थाना के गांव मंगनपुर का है. जहां रसगुल्ले बनाने की सूचना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट एवं खाद्य सुरक्षा महकमे की टीम ने छापा मारा. बताया जा रहा है कि प्रधान की फैक्ट्री में सफेद रसगुल्ले बनते मिले. मौके से साढ़े चार क्विंटल बंगाली रसगुल्ले मिले, इसके अलावा गांव में चल रही दो और फैक्ट्रियों से भी संदिग्ध उत्पाद मिले हैं.
सैंपल जांच को भेजे गए
बरामद रसगुल्लों के सैंपल लेकर टीम ने स्पेशल मैसिंजर से सैंपल मेरठ में जांच को भेजे हैं. इधर प्रधान पक्ष ने रसगुल्लों को दूध से तैयार बताया है. रसगुल्लों की क्वालिटी के लिए लैब की रिपोर्ट का इंतजार है. सबसे बड़ा सवाल ये है कि गांव मौहल्लों में खाद्य सुरक्षा महकमे पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एवं भूगर्भ जलविभाग को नजरंदाज कर किस तरह से खाद्य सामग्री की ये फैक्ट्रियां चल रही हैं.
इधर प्रशासन की कार्रवाई से नकली या मिलावटी सामान और मिठाई बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां से मिठाई बनकर कई शहरों में सप्लाई हो रही थी. इस तरह से कई और अवैध फैक्ट्रियां भी हैं, जिनमें बने सामान लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.
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