धार्मिकविषयोंकोलेकर राजनेताओं द्वारा की जानेवालीबयानबाजीअक्सरचर्चामेंरहतीहै. इसीबीचदीपावलीके ठीक पहले समाजवादी पार्टी से चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कुछ ऐसा कहा है जो सुर्खियों में है.सपा सांसदवीरेंद्र सिंह ने भगवान राम राजा हरिश्चंद्र गौतम बुद्ध को समाजवादी विचारधारा को मानने वाला महापुरुष बताया है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के वनवासी वाले व्यक्तित्व को समाजवादी के लोग मानते हैं, जबकि उनके राजा वाले व्यक्ति को बीजेपी वाले मानते हैं.

समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद सिंह से एबीपीन्यूज ने सवाल किया कि वर्तमान समय में कौन सा राजनीतिक दल भगवान राम के आदर्शों पर चल रहा है. इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम गौतम बुद्ध हरिश्चंद्र यह समाजवादी विचारधारा को मानने वाले थे. जिसके अनुसार पीड़ित शोषित वंचित लोगों के अधिकारों की रक्षा करना प्रथम उद्देश्य है और वही भगवान राम ने किया.

सपा सांसद ने कहा कि भगवान राम का एक व्यक्तित्व वनवासी के तौर पर था जिसे हम सभी समाजवादी लोग मानते हैं, जबकि बीजेपी वाले उनके मंदिर बनवाने से लेकर उन्हें अयोध्या में लाने का दावा करते हैं. वह तो भगवान राम को एक राजा के रूप में मानते हैं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि PDAएक प्लेटफार्म है जहां पीड़ित शोषित वंचित लोगों को उनका अधिकार मिलता है और भगवान राम ने ऐसे लोगों के अधिकारों की हमेशा रक्षा की है. इसलिए वह समाजवादी विचारधारा को मानने वाले रहे, प्राचीन काल में भी दो विचारधारा रही है जिसमें एक सामंतवादी और दूसरी समाजवादी.

बसपासुप्रीमो मायावती रैली पर भी दिया जवाब

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ को घुसपैठिया बताने वाले बयान पर सहमति जताते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे नेता ने SIR के संदर्भ में यह बात कही है और हर कोई चाहे वह मुख्यमंत्री जी हो या देश का आम व्यक्ति जब उसे अपनी पहचान बताना है तो यह गलत कहां से हो सकता है. हमसे आपसे किसी से भी पूछा जा सकता है कि आप कहां के रहने वालेहैं. वहींबसपासुप्रीमोकेविशालरैलीपरकहाकिदरअसलयूपीचुनावकेदृष्टिकोणसेअबबसपासेदेरीहोचुकीहै. हालांकिरैलीमेंबहनजीनेस्पष्टकरदियाहैकिउनकासमर्थनभारतीयजनतापार्टीकोहीहै.