लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय ने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद से सियासी गलियारों में उनकी खूब आलोचना हो रही है. सदन की मर्यादा को तार-तार करते हुए अखिलेश यादव के सांसद सनातन पांडेय ने सत्ता पक्ष के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया. इसके बाद स्पीकर ने उन्हें मर्यादा में रहने की सलाह दी.
दरअसल, सपा सांसद सदन में भाषण दे रहे थे, जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष के नेताओं के बोलने नहीं दिया जाता. इस बात पर नाराज सनातन पांडेय भावनाओं में बह गए और सत्ता पक्ष के सदस्यों को खरी-खरी सुनाने लगे. इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जो एक सांसद को नहीं कहना चाहिए था.
सपा सांसद सनातन पांडेय ने किया अपशब्दों का इस्तेमाल
सनातन पांडेय ने अपने भाषण के दौरान कहा, "जबसे मैं सदन में आया हूं यह देख रहा हूं कि विपक्ष का कोई भी सदस्य जब अपनी बात रखने का काम करता है तो सत्तापक्ष में बैठे कुछ &%*$@ किस्म लोग, विपक्ष की आवाज को दबाना चाहते हैं. ये लोग विपक्ष की आवाज को दबा नहीं सकते." उनके यह कहते ही सदन में बैठे सभी सांसद असहज हो गए. कुछ हंसने लगे तो कुछ ने आपत्ति भी जताई.
कौन हैं सनातन पांडेय?
सनातन पांडेय बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं. वे पांच बार विधानसभा और दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. एक बार के विधायक भी रहे हैं. सनातन पांडेय रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के पांडेयपुर से आते हैं. पॉलिटेक्निक से पढ़ाई करने के बाद गन्ना विकास परिषद में जेई बने. 1996 में उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया और समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली.
समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने उनपर कई बार भरोसा जताया है. पहले चिलकहर विधानसभा सीट से टिकट देकर उन्हें जिताया. फिर परिसीमन के बाद उन्हें रसड़ा सीट से विधायकी का टिकट मिला, लेकिन वे जीत नहीं सके. बलिया लोकसभा सीट पर 2019 में चुनाव लड़े लेकिन बीजेपी से हार गए. इस बार 2024 में उनकी किस्तम चमकी और वे बलिया के सांसद चुनकर आए.
