बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया मायावती ने अपने जन्मदिन पर ब्राह्मणों को लेकर बयान दिया और उन्हें बसपा के साथ आने की अपील की जिस पर समाजवादी पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई हैं. सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि ब्राह्मण बुद्धिजीवी वर्ग है उन्हें पता है कहां जाना है. 

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सपा सांसद राजीव राय ने पहले बसपा सुप्रीम के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी और फिर उनके बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि "ब्राह्मण बुद्धिजीवी वर्ग है उनको पता है उनके मान सम्मान की रक्षा कहां हैं? जो सरकार है उनके साथ भेदभाव कर रही है. उनके बोलने तक से उनको परहेज है."  

उन्होंने कहा कि बहन जी राजनीति के बुझते हुए चिराग की तरह है, अपने आप को बचाने के लिए इस तरह के स्टेटमेंट दे रही हैं लेकिन, वो लोगों का विश्वास खो चुकी हैं. 

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ब्राह्मणों को लेकर बसपा सुप्रीमो ने क्या कहा?

दरअसल मायावती ने आज अपने जन्मदिन पर एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा था कि ब्राह्मणों की उपेक्षा किए जाने पर चिंता जताई और कहा कि हमारे समाज ने ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी दी. इसलिए उन्हें भारतीय जनता पार्टी, सपा या कांग्रेस जैसे राजनीति दलों के बहकावे में नहीं आना चाहिए. 

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीते दिनों समाजवादी पार्टी दे दफ्तर में हुए बाटी चोखा भोज पर तंज कसा और कहा कि ब्राह्मण समाज को किसी का बाटी चोखा नहीं चाहिए. इस बार बसपा की सरकार बनने के बाद उनकी सभी चाहतें पूरी की जाएगी. हमारी सरकार में इन्हें कोई नुक़सान नहीं पहुंचाया गया. 

बता दें कि बीते दिनों यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान लखनऊ में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई थी, जिसके बाद उनकी नाराजगी की खबरें तेज हो गई. इस मामले पर जमकर सियासत भी देखने को मिली थी, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तो उन्हें सपा के साथ आने का निमंत्रण तक दे दिया था. सपा ने दावा किया कि उन्हें पार्टी के अंदर उचित सम्मान दिया जाएगा. 

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