प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई हाथापाई के मामले पर जमकर सियासत देखने को मिल रही हैं. गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों ने उनसे बुरा बर्ताव किया. 

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सपा सांसद अफजल अंसारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ संगम नोज़ पर हुई बहस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह बहुत दर्दनाक और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. जिस तरह से एक प्रतिष्ठित धार्मिक पीठ के शंकराचार्य के साथ सरकारी अधिकारियों ने इतना बुरा बर्ताव किया, साथ ही संतों, तपस्वियों, महंतों, सिद्ध संतों और दंडी साधुओं को पीटा और बेइज्जत किया, वह बहुत ही अनुचित और निंदनीय है. मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं.

समर्थकों के साथ सुरक्षाकर्मियों की झड़प 

मौनी अमावस्या के स्नान के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने 200 अनुयायियों के साथ संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे तभी मेला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें रोकने की कोशिश की. जिसके बाद उनके अनुयायी बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने लगे. जिसके बाद पुलिस और उनके शिष्यों में धक्का-मुक्की हो गई. इस घटना के सीसीटीवी वीडियो भी सामने आए हैं. 

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पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रथ के साथ संगम नोज की ओर आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन भगदड़ की आशंका को देखते हुए उन्हें समझाने की कोशिश की गई लेकिन वो नहीं माने. आरोप है कि उनके समर्थकों ने बच्चों को आगे कर दिया, जिससे काफी अव्यवस्था फैल गई. इस बीच उनके समर्थकों तीन घंटे तक वापसी का रास्ता भी रोका, जिससे मेले आए श्रद्धालुओं को परेशानी हुई. 

इस पूरी घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी नाराजगी जताई और वो बिना स्नान किए ही अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उन्हें प्रोटोकॉल के तहत नहीं ले जाएगा वो गंगा स्नान नहीं करेंगे. वहीं पुलिस प्रशासन ने उनके आचरण को परंपरा के खिलाफ बताया और कार्रवाई की बात कही है.  

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