उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को उस समय माहौल भावुक हो गया, जब समाजवादी पार्टी की विधायक विजमा यादव ने अपने पति जवाहर यादव की हत्या का मामला उठाया और सरकार पर आरोपियों को जेल से बाहर निकलवाने का आरोप लगाया. सपा विधायक ने कहा कि अब उनकी और उनके बेटे की जान को खतरा हैं. उन्हें कब न्याय मिलेगा.
सपा विधायक विजमा यादव ने विधासनभा में अपनी बात रखते हुए सभापति से कहा कि वो अपनी व्यक्तिगत बात कहना चाहती हूं. मेरे पति जवाहर यादव की हत्या हुई..इस पर स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि ये मामला कोर्ट में चल रहा है...कई बार ये बात आ चुकी है. उसमें हाईकोर्ट का निर्णय है...आप हाईकोर्ट में ये बात रखिए. कोर्ट के किसी भी निर्णय को हम यहां डिसकस नहीं कर सकते.
विधानसभा में भावुक हो गईं सपा विधायक
इस पर विजमा देवी भावुक हो गई और कहने लगीं कि "मैं बार-बार अपनी बात कहूंगी क्योंकि न्याय नहीं मिल रहा है. हमारी भी हत्या हो जाएगी..हमारी बेटे और बेटी की हत्या हो जाएगी. मेरे पति की जो हत्या करने वाले हैं उन्हें ना हाईकोर्ट ने जमानत दी है और ना सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी. सरकार ने एक महीना पैरवी की कि कपिल करवरिया की बेटी की शादी है. बेटी की शादी हो गई फिर सरकार ने एक महीने बढ़ा दिया और उदयभान करवरिया को भी सरकार ने छोड़ दिया."
सतीश महाना ने कहा कि सरकार नहीं छोड़ती, कोर्ट छोड़ती है. कौन आदमी है जो बिना कोर्ट के छूट सकता है. इस पर सपा विधायक ने कहा कि "कोर्ट नहीं छोड़ा सर..सरकार ने छोड़ा हैं.. फिर मेरी हत्या और मेरे बेटा की हत्या होगी, तो जिम्मेदारी बताए विधानसभा में कि कल को कुछ हो गया तो.. ऐसे खुले घूम रहे हैं.. आपको मेरी बात को बार-बार सुनना पड़ेगा."
सपा ने की विधायक को सुरक्षा देने की मांग
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी खड़े हुए और उन्होंने स्पीकर से सपा विधायक को सुरक्षा दिलाने की मांग की और कहा कि इन्हें सुरक्षा दिलवा दीजिए. इस पर स्पीकर ने सहमति जताई और कहा कि सुरक्षा मिलेगी. आपको कुछ नहीं होगा, सरकार भी इस बात की चिंता करेगी.
जानें- क्या है पूरा मामला
बता दें कि सपा नेता जवाहर यादव की हत्या का आरोप बीजेपी के टिकट दो बार विधायक रह चुके उदयभान करवारिया, उनके भाई कपिल करवरिया और छोटे भाई सूरजभान करवरिया पर लगा था. जुलाई 2024 में यूपी सरकार ने उदयभान करवरिया की अच्छे आचरण के चलते सजा माफ कर दी और वो जेल से बाहर आ गए. विजमा देवी इससे पहले भी इस मुद्दे को सदन में उठा चुकी हैं.
