समाजवादी पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार (15 अप्रैल) को प्रेस वार्ता में ग्राम प्रधानों के अधिकारों की मांग उठाई. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों के गलत ईलाज के मुद्दे को भी उठाया और इसपर एक विवादित बयान दे डाला. उन्होंने भारत सरकार और प्रदेश सरकार को बंदर की उपाधि दे डाली. अब यह बयान चर्चा का विषय बन गया है और सपा नेता विवादों में घिर गए हैं.
सपा विधायक ने अपने विवादित बयान में कहा कि देश में तीन तरह के बंदर हैं, जिसमें एक भारत सरकार है, दूसरा उत्तर प्रदेश सरकार और तीसरा बंदर तो है ही जानवर. गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रही गड़बड़ी को लेकर सपा नेता से सवाल किया गया था.
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इसपर उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी में आरोप प्रत्यारोप चलता है हमें नहीं लगता है कि इस तरह के डॉक्टर ने कोई गलती की होगी अगर ऐसा हुआ किया होगा तो वह सूरदास होगा वह डॉक्टर नहीं हो सकता है. मैं अपने भाषण में भी बोलता हूं कि जब सूरदास ही आंखों का ऑपरेशन कर दे तो वहां आंखों का फुटना तय है, बच जाए तो वह मोदी जी की मेहरबानी.
गौर हो कि गाजीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सादी पर्ची पर बाहर की दवा व इंजेक्शन लिखे जा रहे हैं, ये दवाएं अस्पताल व जन औषधि केंद्र पर भी नहीं मिल रहीं हैं. इससे तीमारदारों को बाहर के निजी मेडिकल दुकानों से दवा खरीदनी पड़ती है जो उनकी जेब को खाली कर रहा है.
ओम प्रकाश ने भारत सरकार को कहा वानर
उन्होंने आगे कहा, "गाजीपुर के स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अभी पूरी तरह से नहीं जानता हूं, लेकिन भदौरा मैं पता कर लीजिए वहां पर वानर सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं. इनमें भी सबसे बड़ा वानर भारत सरकार है, दूसरा उत्तर प्रदेश सरकार और तीसरा यह बंदर तो है ही, जो जानवर ही है. इन तीनों से आदमी बहुत ही परेशान है कोई चिकोटी काटता है कोई दांत से कटता है जरूरत पड़ने पर अपने यहां दवा मंगा कर उपलब्ध कराने का काम करता हूं. पूरे उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में काम अच्छा नहीं हो रहा है." इसके अलावा उन्होंने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तंज कसते हुए कहा कि राजा महाराजा चले गए अब सम्राट आए हैं.
