UP News: समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने भारत-पाकिस्तान तनाव और सिंधु जल समझौते को रद्द करने के भारत के फैसले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने विश्व बैंक की मध्यस्थता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भारत का आंतरिक मसला है और आतंकवाद खत्म होने तक यह संधि बहाल नहीं होगी. डॉ. हसन ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी और आपातकाल जैसे हालात में युद्ध की आशंका तक जताई.

डॉ. हसन ने कहा, "हमारे ऊपर आक्रमण हुआ, हमारे लोग मारे गए, हमारे लोगों का खून बहा, तो हमने पानी रोका. यह हमारा मसला है, हमने सिंधु जल समझौता कैंसिल कर दिया. विश्व बैंक इसमें कहां से आ गया. संधि अब तभी शुरू होगी जब आतंकवाद का सफाया हो जाएगा."

डॉ. हसन ने पाकिस्तान पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने पहले भी निर्दोष लोगों को मरवाया, लगातार हरकत कर रहा है. ये युद्ध का प्रोटोकॉल नहीं है कि आप बच्चों, बूढ़ों और निर्दोष नागरिकों पर हमले कर दें. हमारी तरफ से कोई पाकिस्तानी सिविलियन नहीं मारा गया." उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने जवाबी कार्रवाई में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

पाकिस्तान बौखला गया है- एसटी हसन

डॉ. हसन ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "पाकिस्तान बौखला गया है, लेकिन उसकी औकात नहीं कि वो हिंदुस्तान की टक्कर ले ले. अगर जंग फुल फ्लैश चल जाती है, तो पाकिस्तान चार दिन में निपट जाएगा." उन्होंने मौजूदा तनाव को आपातकाल जैसा बताया और बड़े हथियारों, एटम बम तक के इस्तेमाल की आशंका जताई. उन्होंने कहा, "जब पाकिस्तान उकसाएगा, तो भारत भी जवाब देगा. स्थिति ऐसी है कि जंग कब बढ़ जाए, हमें अपने नागरिकों और देश को भी बचाना है."

जमाखोरी पर भी सपा नेता ने जताई चिंता

डॉ. हसन ने तनाव के बीच जमाखोरी पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, "कुछ लोग हालात का नाजायज फायदा उठाते हैं. हमें सतर्क रहना होगा" भारत में कई जगहों पर आपात स्थिति को देखते हुए लोग जरूरी सामान जमा करने लगे हैं, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है.