मुरादाबाद में रेलवे लाइन के किनारे दशकों से रखे खोखों पर सुबह से ही बुलडोजर एक्शन की तैयारी थी लेकिन करीब 5 घंटे की जद्दोजहद के बाद रेलवे अधिकारी दुकानों को तोड़ने में नाकाम रहे. इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे रेलवे अधिकारियों ने दुकानों को सील करने की कवायद शुरू कर दी. फिलहाल व्यापारियों के भारी विरोध के बीच 4-5 दुकानों को सील कर भी दिया गया है.
रेलवे ने इन खोखो को अवैध कब्जा बताते हुए इन्हें खाली करने के लिए 28 दिसंबर तक की मोहलत दी थी. बुलडोजर एक्शन से घबराए दुकानदारों ने रविवार रात को ही अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दी थीं. इसके पहले व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था, दोपहर में GRP और RPF के साथ ही भारी तादाद में सिविल पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी. एसपी सिटी भी शहरभर के थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे. कुछ ही देर में दुकानों को तोड़ने की तैयारी थी लेकिन इस बीच व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया. फिलहाल इन 165 दुकानों पर बुलडोजर एक्शन को रोक दिया गया है. फिलहाल रेलवे अधिकारी इन दुकानों को सील करने में जुटे हैं.
वहीं इस मामले पर समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. पूर्व सपा सांसद ने कहा यह बहुत गंभीर मामला है क्योंकि यह लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा है. पिछले 40-50 सालों से करीब 250 परिवार इस जगह पर अपनी रोजी-रोटी के लिए निर्भर थे. जब मैं सांसद था, तो मैंने इन लोगों की रेलवे मंत्री से मुलाकात करवाई थी.
मुरादाबाद में रेलवे लाइन के किनारे हुए इस एक्शन को लेकर भारी संख्या में व्यापारी मौके पर डटे रहे और वह रेलवे की कार्रवाई का विरोध करते रहे. वहीं अब रेलवे प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई अधिकारियों के निर्देश के बाद की जाएगी.
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