समाजवादी पार्टी की सांसद और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव को हिरासत में ले लिया गया है. यह दावा सपा ने किया है, सोशल मीडिया साइट एक्स पर सपा ने इस संदर्भ में बयान जारी किया. सपा ने लिखा कि दिल्ली में छात्रों की आवाज़ उठा रहीं लोकसभा सांसद डिंपल यादव एवं अन्य सपा सांसदों को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना, साथ ही छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक है.

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इसके साथ ही पोस्ट में सपा ने लिखा कि छात्रों पर लाठी और अत्याचार इसकी ज़िम्मेदार है भाजपा सरकार अति निंदनीय. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा "हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है. यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते. अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?... आप 'विश्वगुरु' बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते... आपने नौकरियां या रोजगार नहीं दिया. अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए. 

सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज उनकी बात सुनते थे. इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है, उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया. जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं - उम्मीद है कि सरकार को अंत में 'सम्मानजनक विदाई' न मिल जाए.

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इससे पहले समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि हालात अब बर्दाश्त से बाहर हो गए हैं. देश भर में किसान हों, पर्यावरण का मुद्दा हो या युवा - हर कोई परेशान है, फिर भी यह सरकार न तो कुछ सुनने को तैयार है और न ही किसी शिकायत का समाधान करने को. छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं; लेकिन यह सरकार न तो निष्पक्ष परीक्षा का समर्थन करती है और न ही निष्पक्ष चुनाव का.