समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और  जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा कि, केवल विशिष्ट वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता. वहीं अखिलेश यादव ने रामभद्राचार्य पर पूर्व में दर्ज '420' के मुकदमें को वापस लेने को सबसे बड़ी गलती करार दिया है. अखिलेश यादव ने उक्त बातें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगें आरोपों पर बोली है. 

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अखिलेश यादव ने कहा कि, "अगर शंकराचार्य की शिकायत करने वाला रामभद्राचार्य का चेला है तो मुकदमा वापस लेना उनकी गलती थी. अखिलेश यादव ने कहा कि, "हमने कभी रामभद्राचार्य जी पर 420वी का मुकदमा वापस लिया था, हमें उन्हें जेल भेज देना चाहिए था." अखिलेश यादव ने कहा कि, "कभी-कभी विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं. इस तरह के घटिया आरोप लगवाएंगे आप?" सपा प्रमुख ने लोगों से रामभद्राचार्य की कथा न सुनने की अपील की है. 

अखिलेश यादव ने दिया मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर

अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया है कि, ये सरकार बचने वाली नहीं है. जनता ने तो अस्वीकार कर दिया है. जनता वोटिंग का इंतजार कर रही है. जितनी पीड़ा बढ़ेंगी, उतना पीडीए बढ़ेगा. अखिलेश यादव ने कहा है कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है, तो विपक्ष उसे मुख्यमंत्री बनने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा.

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क्या है रामभद्राचार्य पर 420 का मामला?

सूत्रों के अनुसार रामभद्राचार्य पर 420 मामला चित्रकूट स्थित उनके जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्विद्यालय से जुड़ा था. जानकारी के अनुसार यहां वित्तीय अनियमितता हुई थी. इतना ही नहींआरोप था कि वाहन के पैसे से कमरे बनवाये गए. इसके अलावा नियुक्ति को लेकर भी आरोप थे कि प्रमुख पद पर रिश्तेदारों को नियुक्त किया गया. तीन साल की जांच के बाद 2012 की पांच फरवरी (संभवतः) को मुकदमा दर्ज हुआ और अखिलेश यादव की सरकार ने मुकदमे को वापस ले लिया था.