प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी रिफॉर्म्स लाने का ऐलान किया है. जिस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है. सपा अध्यक्ष ने माँग की कि सरकार जीएसटी को लेकर प्रैक्टिकल एप्रोच रखे लोगों को कागजी कार्रवाई का डर न दिखाया जाए तो अच्छा होगा.
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को लेकर सरकार को नसीहत दी, उन्होंने कहा कि 'जीएसटी का सबसे बड़ा सुधार ये है कि वो प्रैक्टिकल और पॉज़िटिव एप्रोच रखे, व्यापारियों का शोषण न करे, काग़ज़ी कार्रवाई का डर न दिखाए.'
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि जो राज्य जिस अनुपात में अपना योगदान दे रहा हो, उसी अनुपात में या उसकी बुनियादी ज़रूरतों को देखते हुए विकास के लिए अतिरिक्त हिस्सा भी उसे दिया जाए.राज्यों के साथ ‘राजस्व न्याय’ किया जाए.
पीएम मोदी ने दिया जीएसटी रिफॉर्म्स का ऐलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से देश के नाम संबोधन में जीएसटी को लेकर बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि देशवासियों को इस साल दिवाली पर दोहरा तोहफा मिलेगा. सरकार इस दौरान जीएसटी को लेकर एक बड़ा रिफॉर्म लेकर आ रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि ये नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स होंगे जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों को फायदा मिलेगा. इसके बाद रोजमर्रा की वस्तुओं पर लगने वाला टैक्स कम हो जाएगा और लोगों का राहत मिलेगी. पीएम ने टैक्स की दरें कम करने के साथ जीएसटी को और आसान बनाने की भी बात कही.
पीएम मोदी के ऐलान पर सियासत तेज
पीएम मोदी के इस ऐलान पर सियासत भी तेज हो गई हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि अलग सरकार लोगों को राहत देना चाहती है तो ये राहत अभी से क्यों नहीं दे ही है. इसके लिए दिवाली का इंतज़ार क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि इसका फायदा बिहार विधानसभा चुनाव में उठाया जा सके.