उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साल का पहला दिन समाजवादी पार्टी की चोखा-बाटी की पार्टी के नाम रहा. पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ही प्रदेश भर से नेता जुटे और सभी ने मिलकर एक दूसरे को नए साल की शुभकमनाएं दीं. इस मौके पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों पर तंज कसते हुए कहा, “हम सभी लोग मिलजुल कर खाते हैं. अभी वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे हैं, अगर सरकार एक खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा.”

Continues below advertisement

अखिलेश यादव ने इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को ऐसे आयोजन के लिए बधाई भी दी. बोले, “हमारे यहां जो मिलजुल कर रहने की संस्कृति रही है, इसी तरह हम एक दूसरे का सम्मान करते हैं.” जबकि माना यही जा रहा है कि बीजेपी ब्राह्मण विधायकों के सहभोज के जबाब में सपा का यह राजनीतिक तंज है.

कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित था सहभोज

नव वर्ष के मौके पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी के कार्यालय में बाटी-चोखा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. जिसमें कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं और एक दूसरे के मिलने का बेहतर मंच था. लेकिन अखिलेश यादव ने जिस तरह से बीते दिनों बीजेपी के ब्राहमण विधायकों के सहभोज कार्यक्रम पर टिप्पणी कर दी, यह कार्यक्रम राजनीति का मंच बन गया. अखिलेश यादव ने अपने ही अंदाज में तंज कसा, बोले-“हम सभी लोग मिलजुल कर खाते हैं. अभी वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे हैं, अगर सरकार एक खिलाफ खड़े हो गए  तो क्या होगा.”

Continues below advertisement

बड़ी संख्या में जुटे सीनियर नेता-कार्यकर्ता

सपा प्रदेश मुख्यालय पर बड़ी संख्या में सपा के सीनियर नेता भी पहुंचे थे. जिन्होंने अखिलेश यादव समेत अन्य कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलकर एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं दीं. माना यही जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी अब तेज अभियान शुरू करेगी. जिसकी झलक आज बाटी-चोखा के जरिये सहभोज में दिखी. एक उद्देश्य यह भी था कि सपा में सब मिलजुल कर खाते हैं. जाति या वर्ग विभेद नहीं है, जो कहीं न कहीं बीजेपी पर सीधा निशाना है.