सहारनपुर मस्जिद पर राशिद अल्वी का योगी सरकार पर हमला, उठाए कई सवाल
सहारनपुर मस्जिद में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे दुनियाभर में भारत की इज्जत कम करने वाला बताया.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद गिराए जाने पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. योगी आदित्यनाथ को लगता है कि मस्जिदें गिराकर वे दोबारा सरकार बना लेंगे. बीजेपी बार-बार तुष्टीकरण की बात करती है, लेकिन तुष्टीकरण का इससे बड़ा उदाहरण और कोई नहीं हो सकता. अगर पाकिस्तान या बांग्लादेश में मंदिर गिराए जाते हैं, तो हम आवाज़ उठाते हैं और कहते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए."
उन्होंने कहा कि कभी इस सरकार ने सोचा है कि मस्जिदों को तोड़ने से शहीद करने से मुसलमानों का दिल रोता है. कभी ये सरकार कहती है कि सबका साथ, सबका विश्वास, मस्जिदें तोड़कर विश्वास हासिल करोगे. और ये काम एक जगह नहीं हो रहा हर जगह हो रहा है.
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राशिद अल्वी ने सवाल उठाए हुए कहा, "उत्तर प्रदेश के अंदर, उत्तर प्रदेश के बाहर , क्या इस देश के अंदर मुसलमान का रहना मुश्किल कर दिया जाएगा ? क्या इस देश के अंदर मुसलमानों को नमाज पढने पर पाबंदी लगा दी जाएगी ? एक तरफ SIR करके आप हजारों-लाखों मुसलमानों के वोट काट रहे हैं, दूसरी तरफ मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है. इससे ज्यादा निंदनीय कोई बात नहीं हो सकती. इससे दुनिया भर में न सिर्फ बीजेपी और बीजेपी की सरकारों में बल्कि भारत की इज्जत में कमी आती है."
शनिवार को ध्वस्त की गयी सहारनपुर में मस्जिद
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को कोर्ट के आदेश के शनिवार तड़के ध्वस्त कर दिया गया था. यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में था, जहां मस्जिद पक्ष अपने पर्याप्त सुबूत नहीं रख पाया. जिसके बाद जुलाई में ध्वस्तीकरण के साथ ही छह करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया गया था. मस्जिद पक्ष कोर्ट गया था, जहां उसने 1911 का बिजली का बिल दिखाया, लेकिन प्रशासन ने दस्तावेज प्रस्तुत किए कि सहारनपुर में बिजली ही 1922 में आई थी. जिसके बाद मस्जिद की याचिका खारिज कर दी गयी थी.
इमरान मसूद ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मामले में एक तरफा कार्रवाई बताते हुए इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही है. उनके मुताबिक मस्जिद की जमीन का मालिकाना हक अभी भी मस्जिद पक्ष के पास है. उधर इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मामले में निंदा करते हुए इसे प्रशासन की मनमानी बताया है.
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