ईद-उल-अजहा की छुट्टियों के बाद सहारनपुर के देवबंद में विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में शैक्षिक सत्र पुनः प्रारंभ हो गया है. जिसके बाद दारुल उलूम ने एक बार फिर से छात्रों को अनुशासन में रहने के लिए सख्ती जताई है. 

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दारुल उलूम प्रशासन ने छात्रों को मल्टीमीडिया मोबाइल फोन के प्रयोग से दूर रहने की हिदायत देते हुए पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है. देवबंद के दारुल इकामा (छात्रावास) प्रभारी मुफ्ती अशरफ अब्बास ने बताया कि छुट्टियों पर घर जाते समय ही छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपने मल्टीमीडिया मोबाइल घर पर ही छोड़कर आएं.

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छात्रों को अनुशासन में रहने की नसीहत

मुफ्ती अरशद अब्बास कहा कि दारुल उलूम में छात्रों के लिए अनुशासन में रहना बेहद जरूरी हैं. लोगों को मल्टीमीडिया मोबाइल से दूर रहना चाहिए. आवश्यकता होने पर छात्र केवल की-पैड वाले साधारण मोबाइल का उपयोग कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि संस्था परिसर या छात्रावास में किसी छात्र के पास मल्टीमीडिया मोबाइल पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. 

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निर्देश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

छात्रावास प्रभारी ने कहा कि अगर किसी छात्र के पास मल्टीमीडिया फ़ोन पाया जाता है तो उस पर गंभीर कार्रवाई की जा सकती है. गंभीर स्थिति में छात्र का प्रवेश निरस्त कर संस्था से नाम भी काटा जा सकता है. उन्होंने सभी छात्रों से दारुल उलूम के नियमों एवं अनुशासन का पालन करने तथा अपनी शैक्षिक जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की अपील की. 

संस्था प्रशासन का कहना है कि मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से छात्रों का ध्यान भटकता है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू है. ताकि छात्र अपनी शिक्षा पर ध्यान दे सकें. बता दें कि छुट्टियों से पहले भी दारुल उलूम के छात्रों को इसी तरह के निर्देश दिए गए थे. 

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