'गुनाह करने पर...', स्वतंत्र भारद्वाज मामले पर RLD का आया बयान
जंतर मंतर पर सीजेपी की एक्टिविस्ट के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के मामले पर RLD नेता मलूक नागर ने कहा कि कोई भी गुनहगार कानून से ऊपर नहीं है. गुनाह किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

जंतर मंतर पर सीजेपी की एक्टिविस्ट के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. उनके खिलाफ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दिल्ली पुलिस ने खुद को एक्टिविस्ट बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया. ये मामला एक स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट का एक क्लिप के वायरल होने के बाद से चर्चा में आया है.
अब इस मुद्दे पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के नेता मलूक नागर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि कोई भी व्यक्ति जो गुनाह करता है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. वो कभी देश के कानून से बड़ा नहीं हो सकता.
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RLD नेता ने भारद्वाज के मामले पर क्या कहा?
पूर्व सांसद मलूक नागर ने स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, "स्वतंत्र भारद्वाज हो या किसी और जाति का क्यों न हो अगर कोई भी व्यक्ति गुनाह में लिप्त होगा तो देश के सविंधान के अनुसार, देश के संसद द्वारा बनाए गए नियम और कानून के हिसाब से सरकार काम करेगी." RLD नेता ने आगे कहा, "सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही जांच को आगे बढ़ा रही है और गुनहगार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. कोई ऐसा व्यक्ति बचना नहीं चाहिए जो खुद को देश के सविंधान और कानून से ऊपर समझता हो."
भारद्वाज के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज
बता दें कि स्वतंत्र भारद्वाज अभी दिल्ली पुलिस की हिरासत में है. उसके जंतर-मंतर पर मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और नाबालिग को धमकी देने के आरोपों के तहत गंभीर कानूनी धाराओं में मामले दर्ज किए गए है. इसके अलावा आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत भी एक FIR दर्ज की है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला पॉडकास्ट के एक वायरल क्लिप के बाद से चर्चा में आया था. भारद्वाज ने इसमें दावा किया था कि जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के दौरान उन्होंने छात्र एक्टिविस्ट के पिता संजय कुमार का 'सिर फोड़ दिया' था. क्लिप में उन्होंने कहा था कि संजय की चोट इतनी गहरी थी कि उसे दर्जनों टांके लगाने पड़े और गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया. ये उसपर हत्या के प्रयास का मामला बनता था और उसपर 307 धारा लगनी चाहिए थी, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ.
स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे छोड़ दिया गया था. ये वीडियो इतनी तेजी से वायरल हुआ कि भारद्वाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर रोष बढ़ने लगा. दिल्ली पुलिस को सामने आकर सफाई देनी पड़ी और एक्शन लेना पड़ा है.
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