चीनी के बढ़ते दाम का असर अब बनारसी मिठाइयों पर भी देखा जा रहा है. वैसे तो शहर के साथ-साथ देश दुनिया के लोग भी बनारसी मिठाइयों को खूब पसंद करते हैं. दूसरे शहर में बैठे लोग यहां की मिठाइयों को घर से ही ऑर्डर भी करते हैं.

Continues below advertisement

अब चीनी के दाम बढ़ने की वजह से इन मिठाइयों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है. जलेबी से लेकर लौंगलता, गुलाब जामुन से लेकर चमचम और अलग-अलग किस्म की बर्फी, लड्डू प्रति किलो के हिसाब से महंगी हो चुकी है. 

Sugar Import: त्यौहारों की मिठास नहीं पड़ेगी फीकी, सरकार ने चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को दी मंजूरी

Continues below advertisement

'मिठाइयां 25-30 रुपए प्रति किलो हुई महंगी'

एबीपी न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित क्षेत्र में राशन की दुकान पर पहुंचे लोगों ने बताया कि चीनी कुछ सप्ताह पहले 50 से 52 रुपए किलो थी. वहीं अब दुकान से चीनी की खरीदारी 65 रुपए प्रति किलो के हिसाब से हो रही है. एक अन्य मिठाई की दुकान पर हलवाई ने बातचीत के दौरान बताया कि आज रसगुल्ला का दाम 17 रुपया प्रति पीस है, जबकि 2 दिन पहले रसगुल्ला 15 रुपया था. लौंग लता के दाम में 3, गुलाब जामुन के दाम में 3 चमचम के दाम में 3 रुपए, जबकि जलेबी प्रति किलो के हिसाब से 8 से 10 रुपए महंगी हो गई. इसके अलावा मोतीचूर के लड्डू और अलग-अलग बर्फी प्रति किलो के हिसाब से 25 से 30 रुपए महंगे हुए है. जो बर्फी 360 रुपए किलो रहा अब वह 390 से 400 रुपए किलो है. 

बिक्री पर पड़ा है असर 

वाराणसी के दुकानदारों का मानना है कि निश्चित ही मिठाई महंगी होने की वजह से सुबह से लेकर शाम तक खरीददारी पर भी इसका असर पड़ा है. जो लोग 2 से 3 किलो मिठाई की खरीदारी करते थे वह अब इसमें कटौती कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह चीनी का दाम बढ़ता रहा तो त्यौहार में मिठाई के व्यापार पर भी इसका असर पड़ेगा. 

चीनी महंगी हुई तो किसानों को भी मिले फायदा, केसी त्यागी की मांग