रामपुर के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल, आईएमईआई व आईटी एक्ट के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आज 6 आरोपियों को दिल्ली के कमर्शियल टावर से गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अलग-अलग राज्यों के लोगों को झांसे में लेकर एटीएम, चेकबुक, बैंक पासबुक और यूपीआई के माध्यम से ठगी करता था. आरोपी ऑनलाइन वेबसाइटों के जरिए पार्ट टाइम जॉब, गेमिंग, फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेकर लोगों से धनराशि ट्रांसफर कराते थे और बाद में खातों को खाली कर देते थे.
लैपटॉप, मोबाइल सहित काफी सामग्री बरामद
इस कार्रवाई में रामपुर पुलिस ने 4 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 1 वाई-फाई राउटर, 270 एटीएम कार्ड, 222 बैंक पासबुक और 47 चेकबुक बरामद की हैं. मामले से जुड़े 35 बैंक खातों में लगभग 12 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज की जा चुकी है, जबकि अन्य खातों की जानकारी संबंधित बैंकों से प्राप्त की जा रही है.
पूछताछ में बड़े खुलासे होने की उम्मीद
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के लोग शामिल हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, इस पूरी कार्रवाई को साइबर सेल और थाना सिविल लाइंस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया.
पुलिस ने 6 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि हमारी टीम ने नोएडा सेक्टर 143 में अवैध साइबर एक्सचेंज चला रखा था, ये पैसों को अलग-अलग मूल अकॉउंट में घुमाते थे. कार्रवाई में कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, उनके पास से 4 लेपटॉप, 270 एटीएम, 222 बैंक पासबुक, 48 चेकबुक, 70 मोबाइल फोन, बरामद किए गए.
अधिकारी के मुताबिक, ये अपराधी अलग-अलग खातों को ले लेते थे, फर्जी नंबरों से उनको ऑपरेट करते थे, उन खातों से पैसे घुमाते रहते थे कुछ ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी और फ्रॉड के पैसों को इधर उधर घुमाते रहते थे, जिसके बाद ये उसी में कमीशन लेते थे और साइबर अपराधियों के साथ लगातार बने रहते थे.