आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी के लिए विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बंद रखा गया. सांसद करीब 15 मिनट तक गेट पर इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. अंत में वह बिना परिसर में प्रवेश किए वापस लौट गए.

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मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करने और आजम खान को समर्थन देने पहुंचे थे. लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया. सांसद ने गेट पर ही समर्थकों और स्थानीय लोगों को संबोधित किया.

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“अखिलेश यादव का पैगाम लेकर आया था”

पत्रकारों से बात करते हुए मुहिबुल्लाह नदवी ने कहा, “मैं यहां अखिलेश यादव का पैगाम लेकर आया था. मैं नहीं समझता कि आजम खान मुझसे नाराज हैं. हमने जंतर-मंतर पर भी यूनिवर्सिटी के हक में आवाज उठाई है. पूरी पार्टी एक साथ खड़ी है.” उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी रामपुर की जनता की साझा विरासत है.

पीडब्ल्यूडी बोर्ड के बावजूद बंद रास्ता

विश्वविद्यालय के मुख्य गेट वाले रोड पर पीडब्ल्यूडी ने ‘आम रास्ता’ का बोर्ड लगा रखा है, लेकिन इस रास्ते पर आम लोगों के साथ-साथ सपा सांसद तक के लिए गेट बंद रहा. नदवी ने कहा कि यूनिवर्सिटी हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सबकी है और यहां सबके बच्चे पढ़ते हैं.

“कुछ बात रही होगी जो गेट नहीं खोला गया”

सांसद ने कहा, “कुछ बात रही होगी जो गेट नहीं खोला गया. यह संवेदनशील मसला है. हो सकता है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए ऐसा किया गया हो.” उन्होंने जोर दिया कि यूनिवर्सिटी सुरक्षित रहनी चाहिए और अगर कोई कानूनी कमी है तो उसे ठीक किया जाए.

आजम खान-नदवी के बीच 36 का आंकड़ा

बता दें कि आजम खान और मुहिबुल्लाह नदवी के बीच लोकसभा चुनाव से ही तनाव की खबरें आ रही हैं. इसी को लेकर कई लोग मान रहे हैं कि सांसद के लिए गेट जानबूझकर बंद रखा गया. हालांकि, नदवी ने किसी मतभेद से इनकार किया.

जौहर यूनिवर्सिटी पर रामपुर विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है. सपा सांसद मुहिबुल्लाह नदवी इस मुद्दे पर आजम खान को समर्थन देने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया. घटना के दौरान समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ रही.

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