रामपुर, एबीपी गंगा। उत्तर प्रदेश में कई लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर मुस्लिमों की संख्या अच्छी-खासी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट इन्हीं में से एक है। यहां पर 50 फीसदी से भी अधिक जनसंख्या मुस्लिम आबादी की है, ये क्षेत्र समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है। हालांकि, 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2014 में उत्तर प्रदेश से कोई भी मुस्लिम सांसद चुनकर नहीं गया था, जो कि इतिहास में पहली बार हुआ था।

यहां है कांटे की टक्कर

बीजेपी ने रामपुर लोकसभा सीट से जयाप्रदा को मैदान में उतारा है। इस सीट पर जोरदार लड़ाई होने के आसार हैं क्योंकि जयाप्रदा के सामने समाजवादी पार्टी ने कद्दावर नेता आजम खान को मैदान में उतारा है। रामपुर लोकसभा सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी की जयाप्रदा और सपा के आजम खान के बीच है। कांग्रेस की ओर से संजय कपूर और एमडीपी के टिकट पर अरसद वारसी मैदान में हैं। 4 उम्मीदवार बतौर निर्दलीय मैदान में हैं। 11 में से 8 उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं।

रामपुर लोकसभा सीट का इतिहास

आजादी के बाद से ही रामपुर सीट की गिनती मुस्लिम बहुल सीटों में से होती रही। 1952 में हुए चुनाव में यहां से कांग्रेस की ओर से डॉ. अबुल कलाम आजाद ने जीत दर्ज की थी। 1952 से लेकर 1971 तक इस सीट पर कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की। 1977 में एक बार भारतीय लोकदल के प्रत्याशी यहां से जीते, लेकिन उसके बाद एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट पर अपना दबदबा कायम किया। कांग्रेस के जुल्फिकार अली खान ने लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीत। जुल्फिकार कुल 5 बार इस सीट से सांसद रहे। 1991 और 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की। 1998 में मुख्तार अब्बास नकवी यहां से जीते थे, उसके बाद 2004 और 2009 में समाजवादी पार्टी की तरफ से बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा यहां से सांसद चुनी गईं थीं।

रामपुर का समीकरण

रामपुर लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख से अधिक मतदाता हैं, इनमें 872084 पुरुष और 744900 महिला वोटर हैं। 2014 में यहां कुल 59.2 फीसदी वोट पड़े थे, इनमें से भी 6905 NOTA को गए थे। 2011 की जनगणना के अनुसार रामपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल 50.57 % मुस्लिम आबादी है, जबकि 45.97 % हिंदू जनसंख्या है। रामपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें सुआर, चमरौआ, बिलासपुर, रामपुर और मिलाक शामिल हैं। बिलासपुर और मिलाक सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। जबकि, अन्य तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा था। यहां की रामपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के आजम खान विधायक हैं।

जीत का अंतर

2014 में हुए लोकसभा चुनाव दौरान इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। बीजेपी के नेपाल सिंह को 37.5 फीसदी और समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान को 35 फीसदी वोट मिले थे। नेपाल सिंह की जीत का अंतर मात्र 23,435 वोटों का ही था। नेपाल सिंह का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा रहा है, 2014 में उन्होंने हर किसी को चौंकाते हुए जीत दर्ज की थी। सांसद चुने जाने से पहले वह 5 बार विधायक रह चुके हैं।

2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

नेपाल सिंह, भारतीय जनता पार्टी, कुल वोट मिले 358,616, 37.5%

नसीर अहमद खान, समाजवादी पार्टी, कुल वोट मिले 335,181, 35.0%

नवाब खान, कांग्रेस, कुल वोट मिले 156,466, 16.4%