उत्तर प्रदेश के रामपुर में सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी ने इन दिनों प्रदेश की सियासत और तेज कर दी है. रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद अब सपा ने मोर्चा संभाल लिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी विधायकों और नेताओं को यूनिवर्सिटी के समर्थन में सोशल मीडिया पर और जनता के बीच अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.

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सपा के मुताबिक रामपुर प्रशासन जानबूझकर आजम खान को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए यूनिवर्सिटी को गिराने की साजिश कर रहा है. जबकि यूनिवर्सिटी से क्षेत्र के छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं. इसलिए यह पूरी कार्रवाई शिक्षा विरोधी है.

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                                                                                                                                                                    क्या है पूरा मामला?

यहां बता दें कि 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध बताया है और उनके ध्वस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं. प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 15 दिन का समय दिया है इसके बाद प्राधिकरण खुद इस पर बुलडोजर कार्रवाई करेगा. जबकि यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आजम खान के करीबियों ने अपने पास सभी परमिशन और नक्शे होने का दावा किया है.

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समाजवादी पार्टी ने संभाला मोर्चा 

इस फैसले के खिलाफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ही पूरी पार्टी ने रामपुर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सपा ने इसे साजिश बताते हुए शिक्षा विरोधी बताया है. यही नहीं विपक्ष की कई पार्टियों और नेताओं ने यूनिवर्सिटी की इमारतों को ध्वस्त करने को गलत ठहराया है. फिलहाल यह मामला प्रदेश में तूल पकड चुका है. 

आजम खान और उनके पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम इन दिनों रामपुर जेल में दो पैन कार्ड और अन्य मामलों में जेल में बंद हैं. उनके खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए थे. बीते साल आजम खान को जमानत भी मिली थी. 

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