उत्तराखंड के रामनगर में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. इंडेन गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और जमकर हंगामा किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है और गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.

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प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग महिला की स्थिति ने सभी का ध्यान खींचा. करीब 70 वर्षीय महिला, जो एक प्लाईवुड फैक्ट्री में मजदूरी करती है, पिछले एक सप्ताह से लगातार गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के चक्कर काट रही है. महिला का कहना है कि वह अपनी रोजी-रोटी छोड़कर हर दिन यहां आ रही है, लेकिन उसे अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया. उसकी तरह कई अन्य लोग भी वहां मौजूद थे, जो पिछले कई दिनों से गैस के लिए परेशान हैं.

एक माह से सप्लाई बाधित

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में तो पिछले एक महीने से गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित है. इससे घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. लोगों का कहना है कि एजेंसी के कर्मचारी अंदर से दरवाजा बंद कर बैठे रहे और किसी से बातचीत तक नहीं की, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया.

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रामनगर के विभिन्न इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है. जहां-जहां होम डिलीवरी होती है, वहां लोग खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में इंतजार करते नजर आ रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें समय पर गैस नहीं मिल पा रही है.

स्थानीय लोगों में बढ़ रही नाराजगी

हंगामे के दौरान लोगों ने सीधे तौर पर ललित मोहन रयाल सहित जिला प्रशासन पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि प्रशासन गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में विफल रहा है, जबकि पहले दावा किया गया था कि किसी भी स्थिति में सिलेंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी.

इस मामले में जिला अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका. इस पर भी लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि जब इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं, तो अधिकारी जवाब देने से बचते हैं.

राज्य सरकार दावे हो रहे फेल

वहीं, राज्य सरकार की ओर से पहले ही यह आश्वासन दिया जा चुका है कि किसी को भी गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी. खुद पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में भरोसा दिलाया था. बावजूद इसके जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. फिलहाल, कई घंटों तक चले इस हंगामे ने प्रशासन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग अब जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं.