राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद अब बिना पॉकेट वाले ड्रेस और आते-जाते चेकिंग को अनिवार्य कर दिया गया है. ये जानकारी राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार (14 जुलाई) को दी. उन्होंने कहा कि पहले कभी-कभी चेकिंग होती थी लेकिन अब इसे सख्ती से लागू कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नोटों की गिनती के लिए पहले टेबल का इस्तेमाल होता था. अब टेबल की जगह दरी पर बैठकर गिनती हो रही है.

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चढ़ावा चोरी मामले पर गोविंद गिरि ने कहा, "निश्चित रूप से ये रामभक्तों की आस्था पर चोट है. श्रद्धा के ऊपर किया गया ष्डयंत्र है. इसको दूर करने में समय लगेगा. ये बात निश्चित है लेकिन उसे हम दूर करेंगे."

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ड्रेस बदल गए, फिस्किंग शुरू- गोविंद देव गिरि

उन्होंने आगे कहा, "इसके लिए व्यवस्थाओं को बदलना पड़ेगा. उनमें सुधार लाना पड़ेगा. मैं उस दिन से इन सब बातों में लगा हूं. वहां पर ये सब जो घटना घटी, वहां पर जो ढिलाई थी, सिथिलता आ गई थी, उन सबको दूर करना था. सबसे पहली बात तो ये थी कि जहां पर भी चढ़ावे की गिनती करने का काम होता है, वहां एक ड्रेस कोड होता है. उन लोगों का एक विशेष परिधान होता है जिनमें जेब नहीं होती है. जाते-आते समय उनकी जांच होनी चाहिए जिसे फिस्किंग बोलते हैं, वो होना चाहिए. ये नहीं होता था, कभी-कभी होता था. वह हमने अब रोज अनिवार्य कर दिया है. ड्रेस बदल गए और उनका फिस्किंग आरंभ हो गया."

गिनती के ऑब्जर्वेशन के लिए चार लोगों की व्यवस्था

स्वामी गोविंद देव गिरि ने ये भी कहा, "गिनती जो होती थी टेबल के ऊपर होती थी. टेबल पर गिनती के दौरान एकाध बंडल जेब में डाल देना स्वाभाविक और सहज हो जाता है. इसलिए इसको हमने तुरंत बंद कर दिया. दरी पर नीचे बैठकर अब सारा काउंटिंग होता है. वहां पर गिनती करने वालों में से जो लोग आज जेल में हैं, वो ट्रस्ट के कर्मचारी नहीं हैं. वहां पर कम से कम दो लोग ऑब्जर्वेशन के लिए होने चाहिए थे. अब हमने वहां पर एसबीआई के दो और ट्रस्ट के दो यानी कुल चार लोगों की व्यवस्था कर दी है."

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