उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में इन दिनों धार्मिक आस्थाओं की वजह से नहीं, बल्कि कथित चढावा चोरी की वजह से सियासी अखाड़ें के केंद्र पर आ गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों की जांच के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी को 7 दिनों में प्राथमिक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था और 6 दिन की जांच पूरी कर एसआईटी देर शाम शनिवार को वापस लौट गई.
जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी 6 दिन की जांच पूरी कर शनिवार शाम अयोध्या से वापस लौट गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी 6 दिन की जांच में लगभग 150 से ज्यादा लोगो से पूछताछ किया है. एसआईटी ने एक एक बिंदु को बारीकी से खंगाला है, सूत्रों का कहना है कि एसआईटी जल्द ही सीएम योगी आदित्यनाथ को प्राथमिक रिपोर्ट सौंप सकती है.
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मुख्य पुजारी महंत संजय दास ने क्या कहा?
आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद लगातार यह मुद्दा सियासी बहस के केंद्र पर बना हुआ है. इस मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ-साथ धार्माचार्यों की भी प्रतिक्रियाएं आ रही है. अब इस मुद्दे पर हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत संजय दास की प्रतिक्रिया सामने आई है, उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी (SIT) जांच कर रही है और सच सामने आना तय है.
हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी बोले- दोषी पर होगी सख्त कार्रवाई
हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत संजय दास अपने बयान में कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT बनाई है, इसलिए सच सामने आना तय है. राम मंदिर के चढ़ावे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो और जो राजनीतिक पार्टियां भगवान राम के नाम का फायदा उठा रही हैं, वे ऐसा करना बंद करें."
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