राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम का गठन किया गया है. जो आज मंगलवार को अयोध्या पहुंचेगी. ये टीम इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी और साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.
नई एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस कर रहे हैं. इस टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर , वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की जांच के लिए एक ऑडिटर को भी शामिल किया गया है. एसआईटी की टीम मंदिर में चढ़ावे की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड, बैंकिंग प्रक्रिया और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तार से पड़ताल करेगी.
सभी पहलुओं की गहनता से जाँच करेगी SIT
दान चोरी मामले में पहले गठित एसआईटी की प्रारंभिक जाँच के आधार पर पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े तमाम पदाधिकारियों के बयानों को भी दर्ज किया गया है. लेकिन, अब नई एसआईटी की टीम ट्रस्ट सदस्यों द्वारा दिए गए बयानों और उनकी विवेचना में सामने आए तथ्यों के अनुरूप उनकी भूमिका तय करेगी.
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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के चलते नई एसआईटी की टीम सभी पहलुओं की गहनता से जाँच करेगी और हर बिंदु पर आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने की कोशिश करेगी. वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंजिया के कर्मचारियों और आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी.
राम मंदिर दान मामले पर सियासत
बता दें राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जाँच के बीच सियासी दलों में जमकर राजनीति भी देखने को मिल रही है. समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर यूपी विधानसभा तक पूरे ज़ोर-शोर से उठा रही है. सपा इस मुद्दे को लगातार हवा दे रही है. वहीं बीजेपी भी सपा पर राम भक्तों पर गोली चलवाने का आरोप लगाते हुए राजनीति करने का आरोप लगा रही है.
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