अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटनाक्रम में अभी तक प्राथमिकी यानी एफआईआर दर्ज न करने के सवाल पर जवाब दिया है.
एबीपी न्यूज़ की पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद के सवालों का जवाब देते हुए मिश्रा ने एफआईआर दर्ज न होने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को ट्रैक करने में भी कई घंटे लग जाते हैं और जब बड़ी संख्या में लोगों की भूमिका की जांच करनी हो तो स्वाभाविक रूप से समय लगता है. उन्होंने संकेत दिया कि संभवतः इसी वजह से ट्रस्ट ने मामले की विस्तृत पड़ताल के लिए एसआईटी जांच का आग्रह किया था.
इसके साथ ही मिश्रा ने सीबीआई जांच के सवाल पर कहा कि ये जो रिपोर्ट मिलेगी वो व्यवस्था को मार्गदर्शन दे सकेगी कि अगला कदम क्या होगा. 15 दिनों में पूरी जांच हो ही नहीं सकती. इसको बाद में IO को जांच करनी ही होगी. मिश्रा ने टिन्नू यादव से जुड़े सवाल पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आगे आयकर की जांच भी संभव है.
इसके साथ ही मिश्रा ने चंपत राय को लेकर उठ रहे सवालों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दूरी बनाए रखने संबंधी चर्चा पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री के उच्चतम विवेक का उदाहरण है.
मिश्रा ने कहा कि कि जिन लोगों से एसआईटी पूछताछ कर सकती है, जिनके बयान लिए जा सकते हैं या जो जांच के दायरे में आ सकते हैं, उन्हें मुख्यमंत्री के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाना उचित नहीं होगा. इससे आम लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि जांच एसआईटी कर रही है या फिर मुख्यमंत्री स्वयं.
