प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग से उपजे ऊर्जा संकट पर संसद में बयान दिया है. जिसमें उन्होंने संयम और धैर्य से स्तिति से निपटने की अपील की है, इसको लेकर समाजवादी पार्टी से सांसद रामगोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "हमारी और कई दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. प्रधानमंत्री को इज़राइली प्रधानमंत्री और यूएस प्रेसिडेंट के साथ अपनी दोस्ती और ईरान के साथ हमारे पुराने रिश्तों का फ़ायदा उठाना चाहिए और इस जंग को रोकने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इसने पूरी दुनिया को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है.”

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उन्होंने PM मोदी से आग्रह किया कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय दोस्ती का उपयोग करते हुए युद्ध को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इसके साथ ही रामगोपाल यादव ने कहा कि इस संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित है, खासकर भारत जैसे देश में जहां तेल आयत होता है. देश में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति है.  

सरकार को घेर रहा विपक्ष

देश में ऊर्जा संकट को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार को निशाने पर ले रहा है. देश में सभी राज्यों में एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़े हैं. विपक्ष के आरोपों के मुताबिक केंद्र सरकार ने स्थितियों को भांपते हुए कोई रणनीति नहीं बनाई, जिसकी वजह से इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई.

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पीएम मोदी का संसद में बयान

पश्चिम एशिया की स्थिति और ऊर्जा संकट पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद में कहा कि इन चुनौतियों से हम धैर्य आयर संयम से निपटेंगे. पीएम ने सीसीएस बैठक की जानकारी दी, जिसमे पेट्रोल-डीजल, क्रूड आयल, गैस, बिजली और खाद की स्थिति पर समीक्षा की गयी. पीएम ने इसे एक वैश्विक संकट बताया और कहा हम मिलकर इससे पार पा लेंगे.

देश में बढ़ रहा है ऊर्जा संकट

यहां बता दें कि मार्च के पहले सप्ताह से ही देश में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो गयी, जिसके चलते कमर्शियल सिलेंडर में कटौती की गयी. इसके अलावा सरकार का फोकस घरेलू आपूर्ति पर पहले है. जबकि अब बुकिंग की सीमा भी 25 दिन कर दी गयी है. इस स्थिति को लेकर सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है.