जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब भारतीय किसान यूनियन(बीकेयू) के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकेत की प्रतिक्रिया सामने आई है.

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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा यह इस्तीफा हर उस युवा शक्ति को समर्पित है जिन्होंने विगत एक माह से भी ऊपर निरंतर देशभर में संघर्ष किया है. राकेश टिकैत ने कहा कि युवा देश का भविष्य है जो आने वाले समय में भारत को विश्वभर में विख्यात बनाने में अहम योगदान निभाएंगे. आशा करते हैं कि आने वाले समय में शिक्षा नीति को लेकर सरकार कठिन कानून बनाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करेगी.

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा कि कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.

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वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद, जिस और जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है. देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया. पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोजगार तक जाएगी. इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी. आंदोलन के विजय की बधाई, जय हिंद."

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अरविंद केजरीवाल का पहला रिएक्शन, 'जनता गिड़गिड़ाती रहती थी, सरकार सुनती नहीं थी, अब...'