लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान वो कोटद्वार में जिम संचालक दीपक से मिलेंगे जिन्हें 'मोहम्मद दीपक' के नाम भी जाना जाता है. हालांकि उनके कार्यक्रम में 'बाबा' नाम की दुकान संचालक वकील अहमद से मुलाकात शामिल नहीं है. जिनके साथ ये विवाद हुआ था. इस पर वकील अहमद ने दुख जताया है और कांग्रेस नेता को उनसे भी मिलना चाहिए था. 

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वकील अहमद वहीं हैं जो कोटद्वार में 'बाबा' नाम से दुकान चलाते थे. इस दुकान के नाम को लेकर ही हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद पास में जिम चलाने वाला दीपक उन लोगों से भिड़ गया था और उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पूरे देश में बहस छिड़ गई थी. 

'राहुल गांधी को मुझे भी पूछना चाहिए था'

बाबा दुकान के संचालक वकील अहमद ने राहुल गांधी के दौरे पर पर कहा कि "उन्होंने (राहुल गांधी) मुझे नहीं पूछा जबकि मुझे पूछना चाहिए था. जो घटना घटी थी वो इसी दुकान में घटी थी लेकिन, उन्होंने नहीं पूछा. ना तो दीपक भाई ने पूछा और न ही कांग्रेस या राहुल गांधी की तरफ़ से ऐसा कोई कदम उठाया गया. पता नहीं आगे बुलाएंगे या नहीं बुलाएंगे. मेरी भी इच्छा थी मिलने की. पूरे देश के विपक्ष के नेता हैं मिल लेते तो अच्छा था." 

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वकील अहमद ने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं है कि वो मुझे बुलाएंगे. बुलाते तो प्रोग्राम लगा होगा. मैंने दीपक से संपर्क किया था उन्होंने कहा कि लिस्ट पूरी हो चुकी हैं. जितने नाम देने थे वो दे दिए हैं. राहुल गांधी को यहीं पर आना चाहिए था क्योंकि घटना यहां की थी. इस बात का दुख है कि उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया और मुझे मिलने के लिए नहीं बुलाया. 

मोहम्मद दीपक ने की राहुल गांधी की तारीफ

वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी को दौरे को लेकर मोहम्मद दीपक की भी प्रतिक्रिया आई हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो वादा किया था वो पूरा करने आ रहे हैं. लोगों ने मुझे काफी ट्रोल भी किया था कि वो इतने बड़े नेता हैं कहां आएंगे? लेकिन, मुझे पता था कि उन्हें आना है. विश्वास भी था क्योंकि मैंने देखा है कि वो जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं. 

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गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के बाद से अवैध अतिक्रमणों लेकर बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद पहले खोड़ा में दो मदरसों को सील किया गया और अब मसूरी थाना क्षेत्र में 25 करोड़ की सरकारी ज़मीन पर बने अवैध मदरसा जामिया अरबिया इशातुल को भी बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है. 

प्रशासन के मुताबिक मसूरी के कल्लुगढ़ी गांव में बने मदरसे को लेकर लेखपाल अनुपम मिश्रा की शिकायत पर मसूरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस मदरसे के संचालक का नाम फारुक बेग है जो दिल्ली में रहता हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनसी की घारा 223, अवैध कब्जे से संबंधित धारा 329(3) और 329(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.  

भारी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात

मसूरी के कल्लुगढ़ी में बना ये मदरसा 12 बीघा ज़मीन पर फैला हुआ था, जिसमें पर सात कमरों का मदरसा बनाया गया था जो 2021 से चल रहा था. इस ज़मीन की अनुमानित क़ीमत 25 करोड़ बताई जा रही है. बुधवार पुलिस प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल के साथ यहां पहु्ंचा. इस दौरान यहां 3 प्लाटून RAF, 2 कंपनी पीएसी, 500 पुलिस कर्मी दूसरे जोन से, स्थानीय पुलिस 300, 08 थाना प्रभारी, एन्टी राइड गन से लैस पुलिसकर्मी तैनात रहे. 

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दीपक ने कहा कि पिछले काफी समय से उनका जिन नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से वो परेशान हो गए थे, लेकिन लोगों का इतना प्यार और सपोर्ट मिला है. अब मैं जिम को बंद नहीं करूंगा. कई लोगों ने मुझे फ़ोन करके भी बोला कि आपको जिम बंद नहीं करना है हम आपको सपोर्ट करने को तैयार है. दीपक ने कहा कि जो भी हुआ मुझे अफ़सोस नहीं है. अगर किसी 70 साल के बुजुर्ग की मैने जान बचाई तो वो गलत नहीं था. अगर वो मुसलमान नही होते और हिन्दू या सिख होते तो भी क्या मुझे इसी तरह ट्रोल किया जाता?

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