उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के चलते कई जिलों में आग के कारण खेतों में आग की घटनाएं सामने आ रहीं हैं. रायबरेली जनपद के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के चिरिहा गांव निवासी बिजय सिंह के खेतों में बुधवार को अचानक आग लग गयी, जब तक बचाने दौड़े फसल जलकर स्वाहा हो गयी. इस अग्निकांड में कई बीघे का नुकसान हुआ है.

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पीड़ित किसान और उसके परिवार का अब बुरा हाल है, जिस फसल के दम पर उसे साल भर की योजना थी, एक झटके में सब खत्म हो गयी. किसान ने सरकार से अब मदद की गुहार लगाई है. उधर राजस्व अधिकारीयों ने भी आग से नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है.

विजय सिंह पांच बीघा खेत राख

हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चिरिहा निवासी विजय कुमार सिंह व उनके भाइयों की मिलाकर लगभग पांच बीघे तैयार गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई. अज्ञात करणो से लगी आग पर जब तक काबू पाया जाता तब तक तेज हवा के कारण आग ने पूरे खेत को अपने आगोश में ले लिया.  आग लगने की सूचना विजय ने स्थानीय पुलिस प्रशासन सहित राजस्व कर्मी को दिया. जिसकी रिपोर्ट बनाकर राजस्व कर्मी ले भी गए हैं.

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14 से 15 कुंतल फसल होती थी

विजय सिंह का कहना है कि लगभग एक बीघे में 14 से 15 कुंतल गेहूं का उत्पादन होता था. फसल भी इस बार अच्छी थी और पक कर तैयार हो चुकी थी, लेकिन मजदूर ना मिलने के कारण फसल काटने में थोड़ी देरी क्या हुई कि अज्ञात कारणों से लगी आग ने उनके पूरे ख्वाब को जलाकर नष्ट कर दिया.  विजय को अब उम्मीद है की सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उन्हें उनका मुआवजा जल्द और मानक के अनुसार मिलेगा.

विजय मध्यम श्रेणी के किसान है जो रबी खरीफ के साथ-साथ सब्जियों की भी खेती करते हैं और उनके परिवार के भरण पोषण का साधन भी किसानी खेती ही है. लेकिन गेहूं की फसल नष्ट होने से कहीं ना कहीं उनके परिवार के भरण पोषण पर प्रभाव जरुर पड़ेगा.

जनपद में दर्जनों घटनाएं हो चुकीं

रायबरेली में दर्जनों आग जनी की घटनाएं हो चुकी हैं,  जहां पर कुल मिलाकर सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल जलकर खाक हो चुकी है.  पहले मौसम की मार और अब तेज हवा के कारण आग का कहर  किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है.  फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिले के अधिकारी सक्रिय हुए हैं और मौके पर जाकर आग से हुये नुकसान का आकलन करके मुआवजे की तैयारी में लग गए हैं.