उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद केऊंचाहार थाना क्षेत्र में 2 अक्टूबर की रात के दलित युवक हरिओम को चोर समझकर ग्रामीणों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. मामले का खुलासा तब हुआ जब हरिओम की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस मामले में थाना इंचार्ज संजय कुमार को हटाते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मृतक हरिओम अपनी पत्नी जो एनटीपीसी स्थित बैंक में सफाईकर्मी के पद पर तैनात है, उससे मिलने गया था. हरिओम मानिसक रूप से भी कमजोर था और वो ग्रामीणों के सवालों का जबाब नहीं दे पाया. पुलिस ने इसमें छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
क्या है पूरा मामला ?
मामला ऊंचाहार थाना इलाके के ईश्वरदासपुर का था. यहां फतेहपुर ज़िले में शहर कोतवाली इलाके के तरावती का पुरवा निवासी 38 वर्षीय हरिओम भटकते हुए पहुंच गया. बताया जा रहा कि उसकी पत्नी एनटीपीसी के पास स्थित बैंक में सफाईकर्मी है जिससे मिलने वह जा रहा था. मानसिक रूप से थोड़ा अस्वस्थ होने के चलते अचानक उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ से वह घबरा गया था और उनके सवालों का उत्तर न दे पाने के कारण लोगों ने उसे चोर समझ लिया था. चोरी की अफवाहों के बीच उन्मादी हुए ग्रामीणों ने उसे पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया था.
शव को रेलवे लाइन के पास फेंका
हरिओम की मौत से घबराये ग्रामीणों ने उसके अर्धनग्न शव को प्रयागराज-लखनऊ रेल लाइन के ईश्वरदासपुर हाल्ट के पास फेक दिया था. पुलिस अर्धनग्न अवस्था में मिले शव की शिनाख्त में जुटी थी तभी पिटाई के बने वीडियो को किसी ने वायरल कर दिया था. पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मृतक की शिनाख्त करवाते हुए उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर कार्रवाई शुरू की थी. इसी मामले में रविवार को पांच लोगों को जेल भेजा गया है.