उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार (5 मार्च) को पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज से बीजेपी की 'परिवर्तन यात्रा' का भव्य आगाह किया. एक विशाल जनसभा और रोड शो को संबोधित करते हुए धामी ने ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया और राज्य में सत्ता परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया.

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मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस राजनीति ने बंगाल के विकास को रसातल में धकेल दिया है. राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "आज बंगाल में मातृशक्ति खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. जिस राज्य में महिलाएं सुरक्षित न हों, वहां विकास की कल्पना करना व्यर्थ है." उन्होंने सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ पर सरकार की चुप्पी को भी एक गंभीर खतरा बताया.

'कर्मवीर' नहीं 'भत्तावीर' बना रही सरकार

शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर घेरते हुए धामी ने कहा कि बंगाल में हजारों स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता सरकार युवाओं को 'कर्मवीर' बनाने के बजाय 'भत्तावीर' बना रही है. साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों के डीए (DA) और महंगाई भत्ते को लेकर हो रही देरी पर भी नाराजगी जाहिर की.

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उत्तराखंड मॉडल का जिक्र: UCC और सख्त कानून

अपने संबोधन में धामी ने उत्तराखंड में लिए गए कड़े फैसलों का उदाहरण दिया. उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून और अवैध अतिक्रमण पर की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व ही राज्य को सुरक्षा दे सकता है. उन्होंने कहा कि सनातनी हिंदू कभी डरता नहीं है और वह राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़ा रहता है.

बीजेपी का संकल्प: 'राष्ट्र प्रथम'

धामी ने विश्वास दिलाया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही अराजकता का अंत होगा. उन्होंने कहा, "बीजेपी के लिए 'राष्ट्र प्रथम' सर्वोपरि है. हम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास की त्रिवेणी बहाएंगे." भारी कर्ज में डूबे बंगाल को इस संकट से उबारने के लिए उन्होंने जनता से परिवर्तन का आह्वान किया.