उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में CM धामी समेत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत , सुबोध उनियाल और सतपाल महाराज पहुंचे.
वहीं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैबिनेट में शामिल हुए. धामी सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में कुल आठ प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी जिसमें मुख्यतः स्वास्थ्य राजस्व और जनजाति विभाग के प्रस्ताव अहम रहे.
आपसी सहमति से हो सकेगा स्थानांतरण
पहला प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा से सम्बंधित रहा. जिसमें इस विभाग के ऐसे कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक जो की अपनी पांच साल की सेवाएं पूरी कर चुके हैं. वह आपसी सहमति से जिलों के बीच स्थानांतरण का लाभ उठा सकेंगे.
यानी कि किसी कार्यकर्ता को दूसरे जिले में अपना स्थानांतरण करवाना हो तो वह किसी अन्य जिले के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक या कार्यकर्ता से संपर्क कर आपसी सहमति बनाकर एक दूसरे की जगह पर अपना स्थानांतरण कर सकेंगे.
इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
- राजस्व विभाग में आपसी समझौते से भूमि अर्जन की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भूमि अर्जन की प्रक्रिया आसान हो सकेगी.
- जनजातियों कल्याण विभाग में बीते कुछ समय से पदों के सृजन की मांग की जा रही थी जिसको अब कैबिनेट की ओर से अनुमति प्रदान की जा चुकी है. वहीं इसमें पूर्व की नियमावली में संशोधन किया गया है.
- भू-जल के दोहन को नियंत्रित करने के लिए नियमावली बनाई गई है और व्यवसायिक उपयोग की दरें निर्धारित की गई हैं. रजिस्ट्रेशन फीस 5 हजार रु होगी.
- जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय को अनुमति दी गई है, जिससे विश्वविद्यालय को अपने शैक्षिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
- जो बॉर्डर क्षेत्र की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं, इसलिए रक्षा मंत्रालय की ओर से चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को रक्षा मंत्रालय की ओर से हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे इन हवाई पट्टियों का उपयोग रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा.
- उद्यमसिंह नगर की पराग फर्म की भूमि सिडकुल को दी गई थी और अब सिडकुल अपनी जमीन को सब लीज कर सकेगा.
- ग्रीन हाइड्रोजन के तहत नीति को मंजूरी दी गई है. सब्सिडी निर्धारित करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा. मुख्य सचिव आनंद बर्धन इस कमिटी कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं.
