प्रयागराज, एबीपी गंगा। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। दर्जनों अभ्यर्थियों की ओर से याचिकाएं दाखिल कर कहा गया है कि इस वर्ष के लिए जारी स्थानांतरण नीति में उन शिक्षकों को अंतर्जनपदीय तबादले का अवसर नहीं देने का प्रावधान है जो पूर्व में अंतर्जनपदीय तबादला करवा चुके हैं।

याची मनीषा व अन्य तमाम लोगों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब तलब किया है। क्योंकि अंतर्जनपदीय तबादले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसलिए कोर्ट ने कहा है कि इस दौरान किए गए तबादले याचिका पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेंगे। याचिका की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। अध्यापकों का कहना है कि एक बार अंतर्जनपदीय तबादले का लाभ ले चुके शिक्षकों को दोबारा मौका ना देना मनमाना और भेदभाव पूर्ण है।