उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्रों के आंदोलन हिंसा और उपद्रव करने वालों पर अब पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में अभी तक 3 अलग-अलग FIR दर्ज की गयीं हैं. जबकि 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. पुलिस के मुताबिक छात्रों के बीच घुसकर उपद्रवियों ने की हिंसा.

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डीसीपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक भी छात्र नहीं है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़ में घुसकर अराजक तत्वों ने उपद्रव किया है और गाड़ियों म तोड़फोड़ की है. कई टीमें इन सभी की पहचान में लगी हुई हैं.

सीसीटीवी फुटेज से की जा रही पहचान  

पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ डिजिटल सुबूत मजबूत कर रही है. जिसमें वीडियो फुटेज, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तोड़फोड़ करने वाले किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा. आगे गिरफ्तारी और तेज होंगी कई लोगों को अभी और गिरफ्तार किया जा सकता है. पुलिस ने सिविल लाइंस समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा-व्यवस्था और कड़ी कर दी है.

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शनिवार को हुआ था उपद्रव 

यहां बता दें कि शनिवार दोपहर में छात्र आंदोलन के दौरान जैसे ही सूचना मिली कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है. छात्रों ने ख़ुशी में जुलूस निकाला. इस बीच सिविल लाइंस इलाके में कुछ लोगों ने वहां खाड़ी गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने बीजेपी सरकार की आलोचना की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ये मामला उठाते हुए कहा कि सरकार ने यह दावा किया था कि छात्र आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र या युवा पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, फिर ऐसा क्यों ? उन्होंने गिरफ्तारी के तरीके पर भी सवाल उठाए.  इसलिए अभी यह मामला अभी और तूल पकड़ सकता है.

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