उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सिविल लाइंस के प्रधान डाकघर (Head Post Office) और डाक पासपोर्ट सेवा केंद्र में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल सामने आया. सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने परिसर को खाली कराकर घंटों तक सघन चेकिंग अभियान चलाया. हालांकि, यह सूचना महज एक अफवाह निकली और घंटों की जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई. दोपहर 3 बजे के बाद दोनों कार्यालयों को आम जनता के लिए फिर से खोल दिया गया.

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कैसे मिली बम से उड़ाने की धमकी?

पोस्टमास्टर जनरल राजीव उमराव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई थी. सुबह करीब 7:45 बजे 'सौरभ विश्वास' के नाम से हॉटमेल (Hotmail) के जरिए एक मेल रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) लखनऊ को भेजा गया था. इस ईमेल में पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की सीधी धमकी दी गई थी. लखनऊ से यह मेल परिमंडल कार्यालय (Circle Office) को फॉरवर्ड किया गया और वहां से व्हाट्सएप के जरिए सूचना प्रयागराज के पोस्टमास्टर जनरल राजीव उमराव तक पहुंची.

10 मिनट में पहुंची पुलिस, घंटों चला सर्च ऑपरेशन

धमकी भरा संदेश मिलते ही डाक विभाग ने तत्काल प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट को सतर्क किया. सूचना मिलते ही मात्र 10 मिनट के भीतर सिविल लाइंस थाना पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम डिस्पोजल स्क्वॉयड (BDS) की टीमें मौके पर पहुंच गईं. एहतियात के तौर पर डाक पासपोर्ट सेवा केंद्र और प्रधान डाकघर को तुरंत खाली करा लिया गया. डॉग स्क्वायड, मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों की मदद से कई घंटों तक चप्पे-चप्पे की गहन जांच-पड़ताल की गई.

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फर्जी निकली सूचना, दोपहर 3 बजे सुचारू हुआ कामकाज

घंटों की सघन जांच के बाद जब परिसर में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली. पोस्टमास्टर जनरल राजीव उमराव ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक फर्जी सूचना (Hoax Threat) थी.

उन्होंने अफवाहों और बहकावे में न आने की अपील करते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस, बीडीएस और डॉग स्क्वायड टीम का आभार व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि इस घटना से कामकाज ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है और गहन जांच के बाद दोपहर 3 बजे से कार्यालयों को आम जनता के लिए पूरी तरह सुचारू कर दिया गया है.