उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मेला प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी होने के बाद अब यह साफ हो गया है कि श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में सपा संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की मूर्ति स्थापित नहीं की जाएगी. बल्कि इसके बदले शिविर में राधा और कृष्ण की मूर्ति यज्ञशाला में स्थापित कर दी गई है. इस बात की जानकारी माघ मेले में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने दी है.
सेक्टर 6 में स्थित श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर को लेकर उठे विवाद के बाद आज नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय शिविर में पहुंचे. उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि पिछली बार महाकुंभ मेले में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा लगाई गई थी. लेकिन पहले प्रशासन ने इसे राजनीतिकरण बताते हुए इस पर रोक लगाई. इसी के चलते इस शिविर के संस्थापक सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमे लिखकर उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है. उन्होंने सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की आशंका जताई है.
बीजेपी सरकार पर आरोप
माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार समाजवादी पार्टी की लोकप्रियता से डरी हुई है. इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है. हालांकि गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद सपा नेता संदीप यादव अंडर ग्राउंड है. संदीप यादव हैं है इस बारे में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान में किसी तरह का कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा है कि कानून व्यवस्था की स्थिति देखते हुए और मेला प्रशासन के विचार को देखते हुए हमने मुलायम सिंह यादव की मूर्ति न रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि शिविर में अब राधा कृष्ण की मूर्ति लगा दी गई है.
संदीप यादव का किया बचाव
शिविर संस्थापक सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर कहा है कि संदीप यादव कोई गुंडा नहीं है. बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ता है, वह शहर उत्तरी विधानसभा से चुनाव लड़ चुका है. उन्होंने कहा कि संदीप यादव पर जो मुकदमे हैं, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किए गए आंदोलनों को लेकर दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा है कि ऐसे मुकदमे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी दर्ज थे. उन्होंने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि सपा कार्यकर्ताओं पर इस तरह के मुकदमे लिखकर उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है.
केशव प्रसाद मौर्य को घेरा
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर हमला बोला है जिसमें उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी में 30 करोड़ में माघ मेला होता था. हमारी सरकार में तीन गुना से ज्यादा 100 करोड़ में मेला आयोजित हो रहा है. उन्होंने कहा कि 100 करोड़ खर्च नहीं हो रहा है. बल्कि 100 करोड़ सरकार खा रही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि 100 करोड़ में भी सरकार अच्छे ढंग से मेला नहीं करा पा रही है. उन्होंने कहा है कि मेले की व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं. उन्होंने कहा है कि मेले की तैयारी सरकार पूरी नहीं कर पाएगी. उन्होंने महाकुंभ के आयोजन की आलोचना करते हुए कहा है कि महाकुंभ में सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन मैं खुद महाकुंभ मेले में अंदर तक नहीं आ पाया. बल्कि बाहर अरैल से ही वापस जाना पड़ा था.
माघ मेले में साधु संतों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा है कि उनकी नाराजगी का क्या कारण है मैं यह नहीं जानता हूं. लेकिन यह कह सकता हूं कि सरकार की तैयारी पूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को साधु संतों की बात सुननी चाहिए. बोले कि केशव प्रसाद मौर्य को भी इसमें लोगों को सुविधा देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मेले की हकीकत यही है कि मेले में आम आदमी नहीं विरोध प्रदर्शन कर रहा है. बल्कि साधु संत विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
नाविकों की मांग का समर्थन
वहीं नाविकों की मांग का समर्थन करते हुए नेता प्रति पक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि माघ मेले में मोटर बोट का संचालन नहीं होना चाहिए. क्योंकि इससे नाविकों की आजीविका पर असर पड़ेगा. मोटर बोट चलने से दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है. इसलिए कम से कम मोटर बोट का प्रयोग होना चाहिए. केवल आकस्मिक घटनाओं के लिए मोटर बोट का प्रयोग होना चाहिए. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में सीएम योगी ने विधानसभा में कहा था कि एक नाविक ने करोड़ों रुपए कमा लिए. लेकिन बाद में पता चला कि वह जेल चला गया.
नेता प्रति पक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान में विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाएंगे. इसके साथ ही यहां पर आने वाले लोग भी यहां पर ठहर सकेंगे. यहां पर लोगों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा.